अमानत में खयानत करने वाला फरार आरोपी कोरबा से हुआ गिरफ्तार

तहतक न्यूज/पूँजीपथरा, रायगढ़।
अपराधी चाहे कितना भी शातिर और चालाक हो, मगर कानून के लम्बे हाथ उसकी गर्दन तक पहुँच ही जाते हैं। जिले के पुलिस कप्तान दिव्यांग पटेल के निर्देशन में फरार आरोपियों की धरपकड़ अभियान के तहत पूंजीपथरा पुलिस ने फरार आरोपी को कोरबा से गिरफ्तार किया है। आरोपी, ट्रक ड्राइवर रवि सिंह ट्रेलर मिस्त्री और अन्य साथियों के साथ मिलकर 17.43 लाख रुपये के सरिया को लेकर फरार हो गया था।

उल्लेखनीय है कि बी एस स्पंज प्रा. लि. से 26 जुलाई 2024 को लक्ष्मी ट्रांसपोर्ट रायगढ़ के माध्यम से ट्रक (नंबर CG 04 PA 3783) में 35.040 टन टीएमटी सरिया लोड कर भोपाल स्थित अग्रवाल ट्रेडिंग कंपनी के लिए रवाना किया गया था। 29 जुलाई को जब भोपाल में अग्रवाल ट्रेडिंग कंपनी के अंशुल अग्रवाल ने ड्राइवर रवि सिंह से संपर्क किया तो उसने कहा कि वह भोपाल से 100 कि.मी. दूर है और शाम तक पहुंच जाएगा। लेकिन शाम 5 बजे के बाद फोन नहीं उठाया और फिर उसका मोबाइल बंद हो गया। जब कंपनी और ट्रांसपोर्टर ने छानबीन की तो पता चला कि ड्राइवर माल समेत फरार हो गया है।


शिकायत मिलने पर पूंजीपथरा पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपी का असली नाम रंजित सिंह (30), पिता शिवबदन सिंह, निवासी अखिलाबाद, थाना ललौली, जिला फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) है। आरोपी पहले बिलासपुर में ट्रेलर चलाता था, जहां उसकी पहचान ट्रेलर मिस्त्री अब्दुल से हुई थी। दोनों ने मिलकर फर्जी लाइसेंस, आधार कार्ड और ट्रांसपोर्ट दस्तावेज तैयार किए।

27 जुलाई को आरोपी ने अब्दुल के सहयोग से फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बीएस प्लांट से माल उठाया और भोपाल जाने के बहाने फरार हो गया। रास्ते में अकलतरा टोल से पहले पेट्रोल पंप पर अब्दुल और उसके साथी राजू सिंह ने ट्रक रुकवाया, डीजल चोरी किया और खुद ट्रक लेकर निकल गए। बदले में रंजित को सिर्फ 1500 रुपये और एक छोटा मोबाइल दिया गया।

आपको बता दें कि ऐसे आपराधिक मामलों के तहकीकात के माहिर पूँजीपथरा थाना प्रभारी राकेश मिश्रा के कुशल नेतृत्व में उनकी जांबाज टीम ने कोरबा के दीपका क्षेत्र में छिपे आरोपी को ढूंढ़ निकाला और अपनी गिरफ्त में लेकर पूछताछ की तो आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए सारी सच्चाई बयां कर दी।
बहरहाल पुलिस नेआरोपी रंजित सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में सड़क दुर्घटना का मामला भी दर्ज है। वहीं, मास्टरमाइंड अब्दुल और उसके साथी राजू सिंह की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

एडिशनल एसपी आकाश मरकाम तथा डीएसपी अनिल विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में हुए इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक राकेश मिश्रा, उप निरीक्षक विजय एक्का, प्रधान आरक्षक लोमेश राजपूत आरक्षक ओमप्रकाश तिवारी और हेम सागर पटेल की भूमिका सराहनीय रही।

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