
तहतक न्यूज/जशपुर।
आज हम भले ही इक्कीसवीं सदी में सफर कर रहे हैं लेकिन अज्ञानता, दकियानुसी, रूढ़िवादी और अंधविश्वास के मायाजाल में अभी भी कुछ लोग जकड़े हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्र के पिछड़े इलाकों में आज भी तंत्र-मन्त्र का बोलबाला है और लोग झाड़-फूँक करने वाले बैगा व तांत्रिकों की बातों पर आँख मूँद कर विश्वास करते हैं। इसी अंधविश्वास के चलते इंसान कभी-कभी हैवान बन जाता है और ऐसी खतरनाक घटना को अंजाम दे देता है जिसके परिणाम की उसे जरा भी परवाह नहीं होती। ऐसी ही दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आयी है जिसे जान कर होश उड़ जायेंगे।
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बागबहार थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत छातासराई में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के चक्कर में एक ग्रामीण ने अपनी ही 3 साल की मासूम भतीजी की बलि चढ़ा दी और शव को चूल्हे में डाल दिया। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक 35 वर्षीय रामप्रसाद नाग ग्राम छातासराई का निवासी है। बताया जा रहा है कि रामप्रसाद की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और आए दिन अपने भाई और परिवार के अन्य सदस्यों से विवाद करता था। परिवार और गांव के कुछ लोगों को आशंका है कि हो न हो यह घटना तंत्र-मंत्र के चक्कर में हुआ हो।
बताया जा रहा है कि आरोपी ने हत्या के बाद बच्ची के कटे सिर को घर के अंदर बने पूजा वाले चूल्हे पर रखकर तंत्र-मंत्र करना शुरू कर दिया था। घटना के दिन आरोपी अपने बच्चों को भी खोज रहा था। आशंका जताई जा रही है कि वह अपने बच्चों की भी बलि देने की योजना बना रहा था।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक घटना से गाँव में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। बात तह तक की करें तो ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का अभाव आज भी बना हुआ है, लोग पुरानी मान्यताओं और अंधविश्वासों में पड़ कर नर बलि जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, टोना-जादू के वहम में एक-दूसरे की जान ले ले रहे हैं और बाद में जीवन भर पश्चात्ताप के आँसू बहाने के सिवा कुछ नहीं बचता। अपराध तो कोई एक करता है परन्तु पूरा परिवार तबाह हो जाता है। ऐसी घटनाएं मानव जाति के लिए अभिशाप है। टोना-जादू और अंधविश्वास उन्मूलन के लिए शासन-प्रशासन को ठोस कदम उठाये जाने की आवश्यकता तो है ही, जनहित कार्यों से जुड़े सामाजिक संस्थाओं को भी विशेष रूप से आगे आना चाहिए अन्यथा बेगुनाह मासूमों की बलि निरंतर चढ़ती रहेगी और सवाल उठते रहेंगे।