तहतक न्यूज/छत्तीसगढ़। प्रदेश में साय सरकार द्वारा किसानों को राहत देने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। हाल ही में मौसम की मार और फसलों के नुकसान को देखते हुए सरकार ने तत्काल राहत के निर्देश दिए हैं। चक्रवात 'अर्नब' के कारण फसलों को हुए नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल फसल क्षति का सर्वे (गिरदावरी) कराने का आदेश दिया है। नुकसान का आकलन होने के बाद पात्र किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC 6-4) के प्रावधानों के तहत वित्तीय सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
गन्ना उत्पादक किसानों को दिवाली का तोहफा
राज्य सरकार ने गन्ने का खरीदी मूल्य बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। इसके साथ ही किसानों को बोनस का लाभ और ₹15,000 की प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।
धान खरीदी की तैयारी
छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से ₹3,100 प्रति क्विंटल के मान से धान की सरकारी खरीदी शुरू होने जा रही है। इसके लिए राज्यभर में 3,100 से अधिक केंद्र बनाए जा रहे हैं। कृषक उन्नति योजना के तहत इन फैसलों से किसानों की आय में बड़ी वृद्धि देखी जा रही है।
फसल विविधीकरण पर प्रोत्साहन
धान के बदले दलहन, तिलहन और मिलेट्स (मोटा अनाज) की खेती करने वाले किसानों को सरकार ₹15,000 प्रति एकड़ की इनपुट सब्सिडी / प्रोत्साहन राशि दे रही है।
केंद्रीय योजनाओं का सहारा
केंद्र की ओर से भी पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के रूप में छत्तीसगढ़ के 24.59 लाख किसानों के खातों में 498.48 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं, जो इस खरीफ सीजन में किसानों के लिए बड़ा सहारा बना है।



