रायगढ़ में बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था का पुलिस ने किया आकस्मिक निरीक्षण


💥पुलिस ने सुरक्षा मानकों की परखी तैयारियां, सभी बैंकों की सीसीटीवी, अलार्म और गार्ड व्यवस्था का लिया जा रहा जायजा।

तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में आज रायगढ़ जिले के सभी थाना क्षेत्रों में स्थित बैंकों का पुलिस टीमों द्वारा औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया गया। अभियान का उद्देश्य बैंकों की सुरक्षा प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा किसी भी संभावित अपराध की रोकथाम सुनिश्चित करना रहा।
        निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बैंक प्रबंधकों से सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। बैंक परिसर में तैनात सुरक्षा गार्ड, सीसीटीवी कैमरे, फायर सेफ्टी उपकरण, अलार्म सिस्टम, स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था तथा आगंतुकों के प्रवेश नियंत्रण की जांच की गई। साथ ही सुरक्षा निरीक्षण रजिस्टर का अवलोकन कर जहां-जहां कमियां पाई गईं, उन्हें रजिस्टर में दर्ज कर शीघ्र सुधार करने के निर्देश दिए गए।
       पुलिस अधिकारियों ने बैंक प्रबंधकों को निर्देशित किया कि सभी सीसीटीवी कैमरे 24×7 चालू एवं रिकॉर्डिंग मोड में रहें, कैमरों की गुणवत्ता ऐसी हो कि आने-जाने वाले व्यक्तियों के चेहरे स्पष्ट दिखाई दें तथा कम से कम 90 दिनों तक फुटेज सुरक्षित रखी जाए। फायर एक्सटिंग्विशर, अलार्म सिस्टम एवं अन्य सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच और समय-समय पर सर्विसिंग कराने के निर्देश भी दिए गए।
            बैंकों में तैनात सुरक्षा गार्डों से उनके प्रशिक्षण, हथियारों की वैधता एवं लाइसेंस की अवधि, ड्यूटी के दौरान सतर्कता तथा आपातकालीन स्थिति में कार्रवाई की जानकारी ली गई। उन्हें निर्देशित किया गया कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें, संदिग्ध व्यक्तियों एवं संदिग्ध वस्तुओं पर विशेष नजर रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दें।
         इसके अतिरिक्त बैंक प्रबंधन को निम्न महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी दिए गए -
🌟 बैंक खुलने एवं बंद होने के समय विशेष सतर्कता बरती जाए।
🌟 बड़ी नकदी के परिवहन के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए जाएं तथा आवश्यकता होने पर पुलिस सहयोग लिया जाए।
🌟 बैंक परिसर एवं एटीएम के आसपास अनावश्यक भीड़ या संदिग्ध व्यक्तियों पर लगातार निगरानी रखी जाए।
🌟 साइबर ठगी एवं बैंकिंग फ्रॉड से बचाव संबंधी जागरूकता संदेश ग्राहकों को नियमित रूप से प्रदर्शित किए जाएं।
🌟 बैंक कर्मचारियों को फर्जी कॉल, फर्जी केवाईसी, फिशिंग लिंक एवं अन्य साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने के लिए समय-समय पर जागरूक किया जाए।
🌟 आपातकालीन संपर्क नंबर एवं स्थानीय थाना के नंबर बैंक परिसर में प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित किए जाएं।
🌟 किसी भी सुरक्षा उपकरण में खराबी पाए जाने पर उसका तत्काल सुधार कराया जाए।
       

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