💥क्षेत्र की आम जनता के स्वास्थ्य से हो रहा खिलवाड़, बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ रहा असर।
💥शिकायतों के बावजूद नहीं हो रही कोई कार्रवाई।
💥मौनव्रत लिए हुए हैं सम्बंधित विभाग, खुलेआम चल रही ठेकेदार की मनमानी।
💥टीआरएन से निकली फ्लाई ऐश बिना नंबर प्लेट के ट्रकों में हो रही ओवरलोड ढूलाई।
💥पर्यावरण विभाग कुम्भकर्णी नींद में तो वहीं परिवहन विभाग है बेखबर..?
तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। जिले में विकास और प्रदूषण अब चोर-चोर मौसेरे भाई की तरह एक हो गए हैं। जहाँ-जहाँ विकास हो रहा है वहाँ-वहाँ प्रदूषण दो कदम आगे ही नजर आ रहा है। कहते हैं बहती गंगा में हाथ धोने का हर कोई प्रयास करता है, ठीक इसी तर्ज पर कथित विकास के नाम पर जिस तरह से उद्योगों द्वारा राख की गंगा बहायी जा रही है। इसमें ठेकेदार न केवल हाथ साफ कर रहे हैं अपितु बारम्बार डूबकियां लगाते हुए लक्ष्मी का आव्हान कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं और इधर जनता बेचारी फरियाद का विजयघंट बजाती दुहाई देती फिर रही है।
बता दें कि, घरघोड़ा थानान्तर्गत ग्राम भेंगारी स्थित टीआरएन कंपनी द्वारा बड़े पैमाने पर निकल रही फ्लाई ऐश के असुरक्षित परिवहन से क्षेत्र के ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कम्पनी एवं ठेकेदार की लापरवाही से राख उड़कर गांवों और सड़कों तक पहुंच रही है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार इस संबंध में पूर्व में कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद ठेकेदार अपनी मनमानी जारी रखे हुए हैं और प्रदूषण नियंत्रण के आवश्यक उपाय नहीं किए जा रहे हैं। यही नहीं, फ्लाई ऐश में चलने वाली गाड़ियाँ बिना नंबर प्लेट के और ओवरलोड चल रही हैं।


क्षेत्रवासियों का कहना है कि कम्पनी प्रबंधन द्वारा स्थानीय लोगों को पुलिस कार्रवाई एवं राजनीतिक प्रभाव का भय दिखाकर उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जाता है। वहीं कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि कम्पनी से जुड़े दलालों के प्रभाव के कारण संबंधित विभागों की निगरानी भी प्रभावी नहीं रह गई है।
सबसे गंभीर और चिन्ताजनक बात यह है कि राख से प्रभावित मार्गों से स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को भी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। धूल और ट्रक से गिरने वाले राख के कारण सड़कें असुरक्षित हो गई हैं, जिससे विद्यार्थियों एवं अभिभावकों में चिंता का माहौल है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पर्यावरण विभाग एवं संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर प्रदूषण पर तत्काल रोक लगाने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।


