गाँवों, शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों को घुमन्तु मवेशियों से मिलेगी मुक्ति, जल्द ही शुरू होने जा रहा गौधामों का संचालन

💥चरणबद्ध तरीके से जिले में 18 गौधामों का होगा संचालन।
💥प्रथम चरण में अनुमति प्राप्त 6 पंजीकृत गौधामों का संचालन शीघ्र प्रारम्भ करने के निर्देश।
तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। जिले में गौधाम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला कलेक्टोरेट में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने जिले में चरणबद्ध तरीके से 18 गौधामों के संचालन की समीक्षा करते हुए प्रथम चरण में अनुमति प्राप्त 6 पंजीकृत गौधामों का संचालन शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे, सहायक कलेक्टर गोकुल आर.के., नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, संबंधित विभागों के अधिकारी, गौधाम संचालन समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्य तथा नोडल अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने कहा कि गौधामों के शुरू होने से निराश्रित, घुमन्तु पशुओं को सुरक्षित आश्रय मिलेगा तथा गांवों, शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर घूमने वाले मवेशियों की समस्या कम होगी। कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे संचालित होने वाले गौधामों के प्रभावी संचालन पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजमार्गों पर मवेशियों के बैठने अथवा विचरण के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने में गौधामों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसके लिए संबंधित विभागों को संचालन समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने गौधाम संचालन समितियों के अध्यक्षों एवं सदस्यों से संचालन में आ रही समस्याओं की जानकारी ली। समिति के सदस्यों ने बिजली, पेयजल एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं, जिस पर कलेक्टर ने उनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन गौधामों के बेहतर संचालन के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा। साथ ही उन्होंने गौधामों को केवल गौवंश संरक्षण तक सीमित न रखते हुए गोबर एवं गौमूत्र से उपयोगी उत्पाद तैयार कर उन्हें आजीविका एवं स्वरोजगार के केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया। बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग द्वारा गौवंश से प्राप्त उत्पादों से विभिन्न उपयोगी सामग्री तैयार करने का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसमें गौधाम संचालन समितियों के सदस्य भाग लेकर उत्पाद निर्माण एवं विपणन का प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।
पशुधन विकास विभाग के उप संचालक एस.के. सिंह ने बताया कि जिले के प्रत्येक विकासखंड में गौधाम स्थापित किए जाने की योजना है। इसके तहत जिले से 18 गौधामों की स्थापना के लिए प्रस्ताव राज्य गौ सेवा आयोग को भेजा गया था। इनमें से 12 गौधामों को आयोग से प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। वहीं 6 गौधामों के संचालन के लिए समिति का पंजीयन पूर्ण कर लिया गया है, जिनका संचालन शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। शेष गौधामों के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि गौधामों में शेड, फेंसिंग, पेयजल एवं विद्युत जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि निराश्रित गौवंशों के संरक्षण, आश्रय और देखभाल की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

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