तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। कहते हैं पति-पत्नी के बीच नोंकझोंक जरुरी है। इससे आपस में प्यार बढ़ता है, लेकिन इस बात को संशय में डाल दिया है एक खुदकुशी की घटना ने जिसमें पति-पत्नी के बीच हुई नोंकझोंक से पत्नी के मायके चले जाने पर पति ने फाँसी का फंदा लगाकर मौत को गले लगा लिया।
बता दें कि, जूटमिल थाना क्षेत्र के कयाघाट में रहने वाला संजय प्रकाश टंडन पिता अनिल टंडन (32 वर्ष) पेंटिंग का काम करता था। उसने 12 वर्ष पूर्व सारंगढ़ के कोसीर की सरिता से विवाह किया था और इनके दो बच्चे भी हैं। संजय शराब पीने का आदी था। 10 रोज पहले आपसी बात को लेकर संजय का सरिता से विवाद हुआ तो गुस्साई बीवी अपने एक बच्चे को लेकर मायके चली गई। पत्नी और बच्चे के ससुराल जाने से उदास संजय मदहोश रहने लगा था। बीते 26 जुलाई की शाम संजय मुर्गा और शराब लेकर घर पहुँचा। खाना खाने के बाद वह सोने के लिए अपने कमरे में चला गया। रात लगभग 9 बजे संजय के भाई संजीव प्रकाश ने देखा कि कमरे के छत में लगे लोहे की पाइप में चुनरी से बँधे फाँसी के फंदे पर वह झूल रहा था। बदहवास संजीव ने फाँसी पर लटक रहे संजय को नीचे उतार पड़ोसियों की मदद से जिला चिकित्सालय ले गया, जहाँ चिकित्सकों ने प्रारंभिक जाँच में ही उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के भाई संजीव प्रकाश टंडन ने बताया कि नशे के कारण ही उसके भाई ने अपना जीवन गंवा दिया। शराब के नशे में संजय अक्सर कहता था कि वह फांसी लगाकर मर जायेगा, लेकिन परिजन उसकी बात को अनसुना कर देते थे। अगर संजय की पत्नी मायके नहीं जाती तो उसके दोनों बच्चों के सिर से पिता का साया नहीं उठता। अब पश्चाताप और वैधव्य जीवन के अलावा उसके पास और कोई रास्ता नहीं रहा। बात तहतक की करें तो नशा हो या क्रोध इसके आगोश में इंसान अपना विवेक खोकर गलत कदम उठा लेता है और इसका खामियाजा पूरे परिवार को भुगतना पड़ता है। अतः मियाँ-बीबी के बीच के झगड़े ऐसे हों जो शाम होते-होते प्यार में बदल जाय, इससे जीवन के कठिन राह भी आसान हो जाते हैं।


