तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। वैसे तो प्राचीन काल से इंसान और बन्दर के बीच दोस्ताना सम्बन्ध चला आ रहा है, लेकिन जब ये परेशान होते हैं तो कभी-कभी इतने आक्रामक हो जाते हैं कि ये इंसानों पर भी हमला करने से नहीं चूकते। ऐसी ही एक घटना में बंदरों की टोली ने ग्रामीणों पर अचानक हमला शुरू कर दिया जिससे अनेकों ग्रामीण घायल हो गए हैं।
बता दें कि, रायगढ़-घरघोड़ा मुख्यमार्ग में स्थित ग्राम चिराईपानी में पिछले कुछ दिनों से बंदरों के झुंड ने आतंक मचा रखा है। बताया जा रहा है कि ये पूरे गाँव में उत्पात कर रहे हैं। न जाने क्यों विगत कुछ दिनों से ये आक्रामक बंदर राहगीरों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर लगातार हमले कर रहे हैं, जिससे अब तक कई लोग घायल हो चुके हैं। बंदरों के अचानक हिंसक हो जाने से लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। बच्चों और महिलाओं के लिए तो और भी ज्यादा मुश्किल हो गया है। वहीं, सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम उत्पाती बंदरों को पकड़ने पिंजरे, जाल और आवश्यक उपकरणों के साथ ग्राम चिराईपानी में डेरा डालकर रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया है। अब तक एक बन्दर को पकड़ लिया गया है, बाकि अन्य बंदरों को पकड़ने के लिए गांव में अलग-अलग जगहों पर पिंजरे और जाल लगाए गए हैं।

वन विभाग ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि पिंजरों और जाल के पास भीड़ न लगाएं और न ही बंदरों को उकसाने का प्रयास करें। यही नहीं, बच्चों को अकेले बाहर न भेजें। साथ ही किसी भी नई घटना की सूचना तत्काल वन विभाग को देने का आग्रह भी किया है।
बहरहाल, वनविभाग की कार्रवाई से ग्रामवासियों ने थोड़ी राहत की साँस ली है, लेकिन आहत ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश का माहौल है। उल्लेखनीय है कि, क्षेत्र में बड़ी संख्या में उद्योग स्थापित हैं, जिससे आसपास के जंगलों में रहने वाले वन्य जीव बुरी तरह से प्रभावित हैं। उद्योगों से उत्पन्न प्रदूषण ने जहाँ जंगल के फलदार पेड़ों को बाँझ बना दिया है वहीं, खाने के अभाव में ये भटक कर मानव बस्ती की ओर रुख करते हैं। ऐसे में इनके भोजन और पुनर्वास के लिए वनविभाग और उद्योग प्रबंधनों को मिलकर ठोस कदम उठाये जाने की आवश्यकता है।



