तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर आज रायगढ़ आर्थो एण्ड जनरल हॉस्पिटल में निःशुल्क सिकल सेल जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य लोगों को सिकल सेल रोग के प्रति जागरूक करना, समय पर जांच के महत्व को समझाना तथा अधिक से अधिक लोगों को स्क्रीनिंग के लिए प्रेरित करना रहा।
शिविर के दौरान डॉ. मल्लिका अग्रवाल ने उपस्थित लोगों को सिकल सेल रोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सिकल सेल एक अनुवांशिक रक्त विकार है, जो जेनेटिक म्यूटेशन के कारण एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरित होता है। उन्होंने बताया कि यदि माता-पिता दोनों में सिकल सेल की स्थिति हो तो बच्चों में इसके होने की संभावना अधिक रहती है, वहीं माता या पिता में से किसी एक के प्रभावित होने पर भी बच्चों में इसके होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में समय पर माता-पिता एवं बच्चों की जांच कराना आवश्यक है।
डॉ. मल्लिका ने बताया कि सिकल सेल रोग में शरीर की लाल रक्त कोशिकाएं (RBC) सामान्य गोल आकार की बजाय हंसिया या अर्धचंद्राकार हो जाती हैं। इससे शरीर में रक्त और ऑक्सीजन के प्रवाह में बाधा उत्पन्न होती है, जिसके कारण मरीज को दर्द, कमजोरी तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में सिकल सेल रोग के मामले अपेक्षाकृत अधिक देखे जाते हैं, इसलिए जागरूकता और शुरुआती जांच बेहद महत्वपूर्ण है। विश्व सिकल सेल दिवस मनाने का उद्देश्य इसी बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना, शुरुआती निदान (स्क्रीनिंग) को बढ़ावा देना तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सहयोग उपलब्ध कराना है।
शिविर के समापन पर डॉ. मल्लिका अग्रवाल ने जानकारी दी कि आज आयोजित निःशुल्क सिकल सेल जांच शिविर में कुल 21 लोगों ने अपनी जांच करवाई। हॉस्पिटल प्रबंधन ने भविष्य में भी इस प्रकार के जनजागरूकता एवं स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।



