तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। रायगढ़-घरघोड़ा मुख्यमार्ग में ग्राम चिराईपानी स्थित ओम श्री रुपेश कंपनी क्रेशर प्लांट में दीवार ढहने से तीन मजदूर गंभीर रूप घायल हो गए। सूचना मिलते ही पूँजीपथरा पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और आहत मजदूरों को नजदीकी अस्पताल भिजवाया। मलबे में और मजदूर दबने की आशंका जतायी जा रही है।


जानकारी के अनुसार महालक्ष्मी कास्ट आयरन और ओम श्री रुपेश के क्रेशर प्लांट के बीच बनी करीब 15 से 18 फीट ऊँची दीवार है जो भारी बारिश के चलते ढह जाने से लेबर क्वार्टर में रह रहे कई मजदूर चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि यह दीवार महालक्ष्मी कास्ट आयरन की है और इसी दीवार से लगा लेबर क्वार्टर बना था जो कि ओम श्री रुपेश कंपनी का है और इस क्वार्टर में ओम श्री रुपेश के लेबर रहते हैं।
आज शाम से ही भारी बारिश हो रही थी। शाम करीब सात साढ़े सात बजे के आसपास यह दीवार लेबर क्वार्टर के तरफ धंस गयी और वहाँ रह रहे मजदूर चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में दो महिला और एक पुरुष बताया जा रहा है। लेबर क्वार्टर पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। मलबे में और मजदूर दबे होने की आशंका से जेसीबी द्वारा मलबा हटाया जा रहा है। पूँजीपथरा पुलिस मौके पर तैनात है।
कंपनी की लापरवाही से हुआ यह दर्दनाक हादसा
स्थानीय लोगों के अनुसार महालक्ष्मी कास्ट आयरन प्लांट की जो दीवार ओम श्री रूपेश कंपनी में गिरी, वह कमजोर, पतली और काफी ऊँची थी जो पहली बारिश में ही ध्वस्त हो गयी। कंपनी प्रबंधन को इसकी जानकारी थी, लेकिन सुधार कार्य कराने में कोई दिलचस्पी नहीं ली। यही कारण है कि कंपनी प्रबंधन की लापरवाही से यह दर्दनाक घटना हुई।
जानवरों से भी बदतर जी रहे मजदूर
कहने को तो लेबर क्वार्टर कहते हैं लेकिन टीन टप्पर से बना क्वार्टर भेड़-बकरियों के कोठे से भी बदतर होता है। क्वार्टर जैसी कोई सुविधा नहीं होती। बारह घंटे की कमरतोड़ मेहनत से थका मजदूर दो घंटे चैन की नींद भी नहीं सो सकता। यदि सुरक्षित जगह पर यही क्वार्टर बना होता तो शायद यही मजदूर आहत नहीं होते।



