💥पुसौर पुलिस की कार्रवाई, भूमि बिक्री के नाम पर 27 लाख रुपये की ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार।
तहतक न्यूज/पुसौर-रायगढ़, छत्तीसगढ़। जिले में एक से बढ़कर एक ऐसे-ऐसे ठगी के मामले सामने आ रहे हैं, जिसे जानकर आप स्तब्ध ही नहीं दांतों तले ऊँगली दबाने को मजबूर हो जायेंगे। हद तो तब और हो जाती है जब एक सम्मानित पद पर पदस्थ पढ़ा-लिखा इंसान ठगी या धोखाधड़ी जैसे अपराध को अंजाम देता है और अंततः जेल की काल कोठरी में पहुँच जाता है। ऐसी ही एक घटना की बुरी तस्वीर थाना पुसौर से आयी है, जिसमें पुलिस ने भूमि विक्रय के नाम पर 27 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है।
जमीन बेचने का झांसा देकर 27 लाख रुपये की ठगी
दिनांक 05.06.2026 को प्रार्थी इंद्रजीत वर्मा पिता हरिशचंद्र वर्मा उम्र 50 वर्ष निवासी ग्राम लिंजिर, थाना बरमकेला, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा थाना पुसौर में आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। प्रार्थी ने बताया कि उसकी पहचान ग्राम बघनपुर निवासी भीचरण पटेल से बचपन से थी, जो पंचायत सचिव है। आरोपी भीचरण पटेल ने स्वयं की स्वामित्व वाली भूमि ग्राम कोडातराई, तहसील पुसौर, जिला रायगढ़ स्थित खसरा नंबर 1021/2 रकबा 0.1050 भूमि को बेचने की बात कही। भूमि पसंद आने पर दोनों के बीच दिनांक 16.09.2022 को कुल 35 लाख रुपये में सौदा तय हुआ, जिसमें प्रार्थी द्वारा 27 लाख रुपये अग्रिम राशि के रूप में आरोपी को दिए गए तथा सौ रुपये के स्टाम्प पर लिखा-पढ़ी की गई।
फर्जी दस्तावेज दिखाकर करता रहा गुमराह
आरोपी ने प्रार्थी को विश्वास में लेने के लिए किसान किताब एवं अन्य दस्तावेज दिखाए तथा नामांतरण की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया। लंबे समय तक आरोपी विभिन्न बहाने बनाकर प्रार्थी को गुमराह करता रहा।
जब प्रार्थी द्वारा तहसील कार्यालय में जानकारी प्राप्त की गई तो पता चला कि संबंधित भूमि के संबंध में आरोपी के नाम से कोई राजस्व प्रकरण लंबित नहीं है तथा भूमि किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज है। इसके बाद प्रार्थी ने आरोपी से अपने रुपये वापस मांगे।
रुपये लौटाने के नाम पर दिए गए सभी चेक हुए बाउंस
प्रार्थी के दबाव बनाने पर आरोपी ने 5 लाख रुपये का एक चेक एवं 11-11 लाख रुपये के दो चेक दिए तथा पुलिस में शिकायत नहीं करने का अनुरोध किया। बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर सभी चेक बाउंस हो गए। इसके बाद भी आरोपी लगातार आश्वासन देता रहा और रुपये वापस नहीं किए।
प्रार्थी के अनुसार जनवरी 2025 में आरोपी ने मात्र 1 लाख रुपये वापस किए, इसके बाद भी शेष राशि लौटाने के नाम पर लगातार बहानेबाजी करता रहा। आरोपी द्वारा फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से विश्वास में लेकर धोखाधड़ी किए जाने की आवेदन पर थाना पुसौर में अपराध क्रमांक 159/2026 धारा 420 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
आरोपी गिरफ्तार, भेजा गया न्यायिक रिमांड पर
जांच के दौरान शिकायत में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस, उपनिरीक्षक कुंदन लाल गौर, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक योगेश यादव, दिव्या बंजारे एवं थाना पुसौर पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
“भूमि, संपत्ति एवं आर्थिक लेन-देन से संबंधित धोखाधड़ी के मामलों में रायगढ़ पुलिस गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। आमजन किसी भी प्रकार के संपत्ति सौदे से पूर्व दस्तावेजों का विधिवत सत्यापन अवश्य करें। धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”--एसएसपी शशि मोहन सिंह, रायगढ़।



