अडानी..अडानी... अडानी....!  जल-जंगल-जमीन ही नहीं, अब सरकारी पानी टंकी भी हुआ अडानी के नाम..? 

तहतक न्यूज/खरसिया-रायगढ़, छत्तीसगढ़। अडानी किसी परिचय का मोहताज नहीं, जिले के बच्चे, बूढ़े और जवान हर कोई जानता है। गरीब हो या अमीर, अनपढ़ हो या शिक्षित, शहरी हो या ग्रामीण, मंत्री हो या संतरी, नेता हो या अभिनेता, चपरासी हो या अफसर, मजदूर हो या किसान कौन नहीं जानता उसे? सभी जानते हैं, लेकिन न जाने क्यों अडानी को ऐसा लगता है कि वो अभी भी गुमनाम है तभी तो जल-जंगल-जमीन के माथे पर अपना नाम गुदवाने के बाद अब गाँव की शासकीय पानी टंकी तक को नहीं छोड़ रहा है। ये हम नहीं कह रहे हैं, क्षेत्र के ग्राम पंचायत छोटे देवगांव के ग्रामीणों का भड़का आक्रोश कह रहा है।
        सोशल मीडिया में चल रही खबर के अनुसार इन दिनों छोटे देवगांव में एक सरकारी और सार्वजनिक पानी टंकी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। गांव की जिस पानी टंकी को आम जनता की  पेयजल व्यवस्था के लिए बनाया गया था, उसी पर एक  निजी कंपनी अडानी सीमेंट का बड़े-बड़े अक्षरों में विज्ञापन लिखे जाने से स्थानीय लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति पर इस तरह निजी कंपनी का नाम और विज्ञापन लगाना सरकारी व्यवस्था और जनभावनाओं का मजाक उड़ाना है। यहाँ पर सवाल उठता है कि आखिर किसकी अनुमति से जनता की संपत्ति को कंपनी के प्रचार का साधन बना दिया गया ? क्या अब सरकारी टंकियां, पंचायत भवन और अन्य सार्वजनिक संसाधन भी निजी कंपनियों के प्रचार-प्रसार के लिए उपयोग किए जाएंगे ?
          खबर में आयी तस्वीर देख कर तो ऐसा लग रहा है जैसे कंपनी जनहित में गाँव वालों के लिए स्वयं के खर्चे पर टंकी बनवा कर पुण्य का कार्य कर रही है। स्थानीय लोगों की मानें तो गांव में ऐसी कई मूलभूत समस्याएं बनी हुई हैं, जिन्हें प्रशासन हल करने के बजाय कंपनियों के प्रचार को बढ़ावा देता नजर आ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि कंपनी को प्रचार ही करना है तो वह अपनी निजी जमीन और संसाधनों पर करे, सार्वजनिक संपत्तियों को क्यों कब्जा किया जा रहा है ?
ग्रामवासी इस बात पर भी नाराज हैं कि बिना ग्रामसभा और जनता की जानकारी के इस तरह का मनमानी किया गया है। ग्रामवासियों का कहना है कि यह सिर्फ एक विज्ञापन नहीं है, बल्कि धीरे-धीरे सार्वजनिक संपत्तियों पर कब्जा करने की साजिश है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और सार्वजनिक पानी टंकी से कंपनी का प्रचार हटाया जाए।

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