जॉब दिलाने के बहाने ठेकेदार ने महिला और नाबालिग से की छेड़खानी, घरघोड़ा पुलिस ने किया गिरफ्तार

तहतक न्यूज/घरघोड़ा-रायगढ़, छत्तीसगढ़।  जिले की चाक-चौबंद पुलिस जिस तत्परता से कार्रवाई कर रही है उतनी ही रफ्तार से आपराधिक घटनाएं भी सामने आ रही हैं। ऐसा लगता है कि 'तू डाल-डाल तो मैं पात-पात' की तर्ज पर अपराधियों और पुलिस के बीच आँख-मिचौली का खेल चल रहा हो। जी हाँ, कानून की सजा का खौफ सिर्फ सज्जनों को है दुराचारियों को नहीं। ये हम नहीं कह रहे बल्कि, आये दिन थानों में दर्ज हो रहे मामले बयां कर रहे हैं। बता दें कि ऐसे ही एक मामले में जॉब दिलाने के नाम पर महिला और नाबालिग को झांसे में लेकर छेड़खानी करने वाले आरोपी को घरघोड़ा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
         एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में चलाए जा रहे महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण अभियान के तहत थाना घरघोड़ा पुलिस ने आरोपी सुरेन्द्र बेहरा पिता मिनकेतन बेहरा उम्र 34 वर्ष निवासी ग्राम रायकेरा थाना घरघोड़ा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है।

         घटना के संबंध में 24 अप्रैल को नाबालिग पीड़िता (15 साल) द्वारा थाना घरघोड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसकी भाभी (30 साल) के मोबाइल पर दिनांक 16/04/2026 को किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन करके बताया कि उसका नाम विजय है और वह रायगढ़ की कंपनियों में काम दिलाता है, तब इसकी भाभी उसे काम दिला देने को बोली थी। वह व्यक्ति दिनांक 22.04.2026 को उसी मोबाईल नंबर से पुनः इसकी भाभी को फोन करके बताया कि काम मिल गया है एक बार ग्राम अमलीडीह घरघोड़ा आकर मुझसे मिलो। तब उसकी भाभी के साथ बस से ग्राम अमलीडीह घरघोड़ा गये, शाम लगभग 05.30 बजे फोन कर अमलीडीह से ग्राम चिमटापानी के पास बुलाया, तब दूसरी बस से चिमटापानी रात करीब 08.00 बजे बस से उतरे जहां एक व्यक्ति आकर हमसे मिला और बताया कि वह विजय है और वह अपने ग्रे रंग की कार में दोनों को बैठाया, बालिका कार में पीछे तरफ बैठी थी और उसकी भाभी आगे तरफ बैठी थी, आरोपी अपने कार में दोनों को बैठाकर सुनसान स्थान ले गया, जहां बातचीत के दौरान पहले महिला के साथ गलत नियत से छेड़खानी की और विरोध करने पर नाबालिग के साथ भी जबरदस्ती करने का प्रयास किया। विरोध करने पर दोनों को जान से मारने की धमकी देकर आरोपी कार से फरार हो गया।
       थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच कर आरोपी की पहचान सुरेन्द्र बेहरा निवासी रायकेरा के रूप में स्थापित की और तत्काल दबिश देकर आरोपी को उसकी मारूति ब्रेजा कार क्रमांक JH-17-Q-2761 सहित पकड़ा और दोनों पीड़िताओं से आरोपी तथा घटना में प्रयुक्त वाहन की शिनाख्त कराई गई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह लेबर ठेकेदारी का काम करता है, उसने फर्जी नाम “विजय” बताकर नौकरी दिलाने के बहाने महिला को बुलाना और अपराध कारित करना स्वीकार किया। मामले में एट्रोसिटी की धाराएं विस्तारित कर पुलिस ने आरोपी से घटना में प्रयुक्त मोटोरोला मोबाइल फोन एवं मारूति ब्रेजा कार जब्त कर आरोपी को रिमांड पर पेश कर जेल भेजा गया है ।
            एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्दांत तिवारी, निरीक्षक कुमार गौरव साहू, महिला विवेचक दीपिका निर्मलकर, आरक्षक हरीश पटेल एवं उधोराम पटेल की अहम भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। नौकरी, सहायता या किसी भी प्रलोभन के नाम पर महिलाओं से अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आमजन विशेषकर महिलाएं और युवतियां अज्ञात व्यक्तियों के झांसे में न आएं, किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की सूचना तत्काल पुलिस को दें, दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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