
💥 कलेक्ट्रेट के बाहर आरिफ ने दिखाया दम, आगे बड़े आंदोलन की चेतावनी।
तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। एनएसयूआई जिला इकाई रायगढ़ द्वारा आज ‘छात्र अधिकार रैली’ निकाली गई, जो ऐतिहासिक साबित हुई। हजारों की संख्या में छात्र इतवारी बाजार पर एकत्र हुए और कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला। यह रैली छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने की मांग को लेकर आयोजित की गई थी।
इस ऐतिहासिक आंदोलन में भारी संख्या में छात्रों के साथ-साथ जिला कांग्रेस कमेटी के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
इस अवसर पर युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव राकेश पांडे ने कहा, “शासन-प्रशासन भाजपा के दबाव में काम करना बंद करे। सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन प्रशासन को निष्पक्ष रहना चाहिए। छात्रों के साथ भेदभाव बंद होना चाहिए। एनएसयूआई के कार्यक्रम बंद करवाना और ABVP के कार्यक्रमों को संरक्षण देना प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।”
बता दें कि जैसे ही प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए दो बैरिकेड लगा रखे थे। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्वक अपनी बात रखी और आगे बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक हुई। कार्यकर्ताओं ने पुलिस के दोनों बैरिकेड तोड़ दिए, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वॉटर कैनन का प्रयोग किया। पानी की बौछारों के बावजूद छात्र डटे रहे और अपनी मांगों पर अड़े रहे।
पुलिस ने एनएसयूआई जिला अध्यक्ष आरिफ हुसैन युवा कांग्रेस नेता अनमोल अग्रवाल यूनिवर्सिटी एनएसयूआई अध्यक्ष शाकिब अनवर समेत 25 से अधिक कार्यकर्ताओं को मौके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही माहौल और गरमा गया। कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और पुलिस कार्रवाई का विरोध किया।
गिरफ्तारी के बाद वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें छात्रों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने और गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा करने की मांग की गई। गिरफ्तारी से पहले आरिफ हुसैन ने कलेक्ट्रेट के बाहर जोशीला संबोधन देते हुए कहा, “हमारी मांगें पूरी होनी चाहिए। अगर 15 दिन में नहीं मानी गईं, तो अगला चरण जिला बंद, उद्योगों का घेराव और अनशन होगा। हम अपने हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे।”
क्यों हुआ आंदोलन?
बता दें कि एनएसयूआई ने यह आंदोलन दो प्रमुख मुद्दों को लेकर किया था:
1. प्रशासन द्वारा एनएसयूआई के दो कार्यक्रमों (फेयरवेल पार्टी और होली मिलन) को बंद करवाना, जबकि ABVP के कार्यक्रम बिना रोक-टोक चलते रहे।
2. रायगढ़ में 100 से अधिक उद्योग (एनटीपीसी, अडानी, जिंदल) होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार न मिलना।
मुख्य मांगें –
* सभी सरकारी कॉलेजों में प्लेसमेंट सेल का गठन।
* स्थानीय उद्योगों में स्थानीय युवाओं को 70% आरक्षण।
* नियमित कैंपस इंटरव्यू की व्यवस्था।
* छात्र अधिकारों का हनन बंद।
* सभी छात्र संगठनों के साथ समान व्यवहार।
