
तहतक न्यूज/लैलूंगा-रायगढ़, छत्तीसगढ़। जिले में गौवंश तस्करी के लगातार मामले सामने आ रहे हैं, जबकि पुलिस भी निरंतर कार्यवाही करती आ रही है। फिर भी तस्करों के हौसले क्यों बुलंद हैं? आपको बता दें कि जिले में नये एसएसपी के पद भार संभालते ही पुलिस प्रशासनिक व्यवस्था में कसावट देखने को मिल रही है। जुआ, सट्टा, मादक पदार्थों के अवैध कारोबार, देह व्यापार जैसे गैर-कानूनी धंधों के एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। इसी तारतम्य में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में लैलूंगा पुलिस ने गौवंश तस्करी के विरुद्ध बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए तीन पशु तस्करों को रंगेहाथ पकड़ लिया है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 08 नग गौवंश को सुरक्षित मुक्त कराया गया है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 80 हजार रुपये है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कल तीन व्यक्तियों द्वारा कुंजारा क्षेत्र से गौवंशों को पैदल, मारते-पीटते और बिना चारा-पानी के क्रूरतापूर्वक हांकते हुए उड़ीसा की ओर ले जाया जा रहा था। मुखबिर से सूचना मिलते ही थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव ने बिना पल गँवाये तत्काल कार्रवाई करते हुए अपने दलबल के साथ लैलूंगा अटल चौक के पास घेराबंदी की। कुछ ही देर में पुलिस टीम ने मुख्य मार्ग पर तीन व्यक्तियों को 08 नग गौवंशों को बेरहमी से ले जाते हुए पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम मायाराम नागवंशी पिता बघेलराम नागवंशी उम्र 45 वर्ष, सोहन यादव पिता ईश्वर यादव उम्र 47 वर्ष तथा विद्याधर नागवंशी पिता जितेन्द्र राम उम्र 36 वर्ष, सभी निवासी थाना बागबहार जिला जशपुर, छत्तीसगढ़ बताया।
पुलिस द्वारा गौवंश तस्करी से संबंधित वैध दस्तावेज माँगे गए, परन्तु आरोपी कोई भी वैध कागजात पेश नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने गवाहों के समक्ष आरोपियों के कब्जे से 08 नग गौवंश जप्त किए। थाना प्रभारी गिरधारी साव द्वारा गौवंशों के लिए तत्काल पानी और चारे की व्यवस्था कर उन्हें सुरक्षित रूप से सलखिया गौशाला में रखने की व्यवस्था की गई। तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट जारी होने पर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव, प्रधान आरक्षक राम प्रसाद चौहान एवं आरक्षक चमार साय भगत की भूमिका सराहनीय रही।
कार्रवाई को लेकर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जिले में गौवंशों की तस्करी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गौवंश तस्करों पर पुलिस की लगातार नजर है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी पशु तस्करी की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
उल्लेखनीय है कि लैलूंगा थाना प्रभारी उप-निरीक्षक गिरधारी साव की कर्तव्यनिष्ठा एवं तत्पर कार्यवाही से जहाँ अपराधी तत्वों की नींद उड़ गयी है, तो वहीं आम जनमानस में राहत और संतुष्टि के भाव देखे जा सकते हैं।
