तहतक न्यूज/कुलगाम,जम्मू-कश्मीर। जिले में आतंकवादियों ने छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी है। 31 जुलाई की शाम को हुई इस टारगेट किलिंग की घटना में मारे गए मजदूरों की पहचान छत्तीसगढ़ के दीपक रात्रे (24 वर्ष) और भूपेंद्र (28 वर्ष) के रूप में हुई है, जो वहाँ एक ईंट-भट्ठे पर काम करते थे।
दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले का केलम इलाके में आतंकियों ने पहले मजदूरों का नाम पूछा और उनका आधार कार्ड चेक किया, पहचान पक्की होने के बाद उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। दीपक रात्रे की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई, जबकि भूपेंद्र ने इलाज के दौरान श्रीनगर के SKIMS अस्पताल में दम तोड़ दिया।

इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन TRF (द रेजिस्टेंस फ्रंट) ने ली है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मृतकों के परिजनों को तय ₹6 लाख के अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹10 लाख अतिरिक्त मुआवजा देने की घोषणा की है। वहीं, सुरक्षा बलों और पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर आतंकियों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की भी जांच की जा रही है।
परिजनों को 20-20 लाख रूपये सहायता की घोषणा
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों द्वारा छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिकों पर किए गए कायराना हमले में सक्ती जिले के निवासी दीपक रात्रे, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ ब्लॉक के ग्राम छुइहा (धनसीर) निवासी भूपेंद्र भैना के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस जघन्य और अमानवीय आतंकी घटना की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि निर्दाेष नागरिकों को निशाना बनाना मानवता के विरुद्ध अपराध है और ऐसे कायराना कृत्य किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस दुःख की घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार की ओर से दोनों दिवंगत श्रमिकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने वरिष्ठ अफसरों को जम्मू-कश्मीर सरकार के अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्त की जाएगी, जो परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।



