इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुँचे धर्मेन्द्र प्रधान का मकर द्वार पर जोरदार स्वागत

💥राष्ट्रीय जनतान्त्रिक गठबंधन और भाजपा सांसदों ने "धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद" के लगाए जमकर नारे।

तहतक न्यूज/नई दिल्ली। नीट पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान आज सोमवार 27 जुलाई को पहली बार संसद पहुँचे, तो वहाँ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और भाजपा सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
संसद के मानसून सत्र में शामिल होने पहुँचे धर्मेंद्र प्रधान के संसद परिसर पहुंचते ही भाजपा और सहयोगी दलों के सांसदों ने "धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद" के जमकर नारे लगाए। संसद के मकर द्वार पर बिहार के दरभंगा से भाजपा सांसद गोपालजी ठाकुर ने उन्हें मिथिला का पारंपरिक 'मैथिल पाग' पहनाया और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। गठबंधन के तमाम सांसद उन्हें गाड़ी से उतरने के बाद घेरे में लेकर बेहद उत्साह के साथ संसद भवन के भीतर तक गए।
विपक्ष ने किया कड़ा विरोध
         मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस भव्य स्वागत की तीखी आलोचना की। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने इसे देश के युवाओं का अपमान बताया।
"शिक्षा चोरी" के नारे
संसद परिसर के भीतर विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन करते हुए "शिक्षा चोरी" के नारे लगाए और छात्रों पर हुए कथित पुलिस बल प्रयोग को लेकर गृह मंत्री से माफी की मांग की।
इस्तीफा किसी निजी प्रतिष्ठा का विषय नहीं
इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि यह फैसला उन्होंने देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए लिया है।उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा किसी निजी प्रतिष्ठा का विषय नहीं है, बल्कि देशहित और राजनीतिक शुचिता का उदाहरण है।

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