तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। कहते हैं क्रोध आग से भी अधिक तेज होता है, इसका प्रत्यक्ष उदाहरण चौकी रैरुमाखुर्द में देखने को मिला। आवेश के प्रचंड आग में होश गवां बैठे एक कलयुगी बेटे ने अपने ही माँ के गर्दन पर फावड़े से वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया और जब गुस्सा शांत हुआ तबतक बहुत देर हो चुकी थी।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार घटना के संबंध में ग्राम रैरूमाखुर्द निवासी गणपत दास महन्त (60 वर्ष) ने 25 अप्रैल को चौकी रैरूमाखुर्द में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह शिवा पेट्रोल पम्प के सामने किराना दुकान संचालित करता है। रिपोर्ट के अनुसार उसका छोटा पुत्र आर्यन दास महन्त इस बात से नाराज रहता था कि परिवार उसके भाई-बहनों को उससे अधिक महत्व देता है, जिस कारण उसका व्यवहार परिवार के प्रति खिन्न था। 24 अप्रैल की रात गणपत, उसकी पत्नी फुलबाई महन्त (55 साल) और पुत्र आर्यन दुकान में सोए थे। 25 अप्रैल की सुबह आर्यन शौच से लौटने के बाद अपनी मां को दुकान से बाहर खींचकर जमीन पर गिराया और घर में रखे गोबर फेंकने वाले फावड़े से गर्दन पर लगातार वार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी फावड़ा लेकर अपने पिता को भी मारने दौड़ा, जिस पर गणपत अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकला और पुलिस को सूचना दी।
रैरुमाखुर्द पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी आर्यन दास महन्त (20 वर्ष) के विरुद्ध हत्या का अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त फावड़ा भी जब्त किया गया है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन में की गई कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक विजय एक्का, प्रधान आरक्षक चिंतामणि कुर्रे एवं हमराह स्टाफ की अहम भूमिका रही।



