💥मामला सामने आने पर स्कूल प्रबंधन ने आरोपी शिक्षक को तत्काल पद से हटाया।
तहतक न्यूज/बलरामपुर,छत्तीसगढ़। जिले के वाड्रफनगर विकासखंड के अंतर्गत प्रेमनगर में संचालित डीएव्ही मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। दो छात्रों के साथ कथित मारपीट का मामला उजागर होने के बाद अभिभावक गण चिंतित और परेशान हैं। पीड़ित छात्रों के परिजनों का आरोप है कि खेल शिक्षक ने दोनों छात्रों को कमरे में बंद कर क्रिकेट के स्टंप से बेरहमी से मारपीट की है, जिससे उनकी पीठ पर गहरे चोट के निशान हैं।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, छुट्टी के बाद जब दोनों छात्र घर पहुँचे तो काफी डरे व सहमे हुए थे। उनके उतरे हुए चेहरे और पीठ पर लगे चोट के निशान देखकर परिजनों ने पूछताछ की तो बच्चों ने बताया कि खेल शिक्षक ने उन्हें कमरे में बंद कर स्टंप से मारा है और किसी को भी इस घटना के बारे में बताने पर गंभीर मामले में फंसाने की धमकी दी है। बच्चों के मुख से यह सुनकर परिजन सकते में आ गए। अंत में उन्होंने स्कूल प्रबंधन, जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि बच्चों से यदि कोई गलती हुई थी तो इसकी जानकारी उन्हें दी जानी चाहिए थी। अनुशासन के नाम पर शिक्षकों द्वारा इस तरह से बच्चों के साथ मारपीट करना और डराना-धमकाना स्वीकार्य नहीं है। हालाँकि, मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने संबंधित खेल शिक्षक को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है और शिक्षा विभाग ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।
बता दें कि पिछले एक वर्ष में अलग-अलग विवादों को लेकर बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कई स्कूल सुर्खियों में रहे हैं। वहीं शिक्षकों की लापरवाही और बच्चों के साथ दुर्व्यवहार के मामलों में कार्रवाई भी हुई है, लेकिन बात तहतक की करें तो कार्रवाई होने के बाद भी इस तरह की घटनाओं की पुनरावृति होना कहीं न कहीं शिक्षा विभाग की जहाँ गंभीर लापरवाही को प्रदर्शित करता है। वहीं, उसकी कार्यशैली को भी सवालों के आईने में खड़ा करता है। आरोपी शिक्षक को केवल पद से हटा देना ही पर्याप्त कार्रवाई नहीं है। बच्चों के साथ मारपीट जैसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए दोषी के ऊपर ठोस और दंडात्मक कार्रवाई करने की जरुरत है।



