तहतक न्यूज/सारंगढ़-बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़। जिले के बरमकेला अपेक्स बैंक (छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक) शाखा में ₹18.13 करोड़ के गबन मामले में बैंक प्रबंधन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। जून 2026 में हुई इस उच्च स्तरीय जांच और विशेष ऑडिट के बाद यह कड़ा फैसला लिया गया है।
बैंक के प्राधिकृत अधिकारी केदार नाथ गुप्ता के अनुसार कुल 8 लोगों की सेवाएं समाप्त की गई हैं, जिनमें तीन नियमित कर्मचारी तत्कालीन शाखा प्रबंधक डी.आर. वाघमारे, लेखाधिकारी मीनाक्षी मांझी और लिपिक आशीष कुमार पटेल को सेवा से बर्खास्त किया गया है। वहीं, पाँच आउटसोर्स कर्मचारी लिकेश कुमार बैरागी, रमाकांत श्रीवास, अरुण चंद्राकर, खीरदास महंत और बालकृष्ण कर्ष की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।
यह पूरी वित्तीय हेराफेरी अप्रैल 2021 से नवंबर 2024 के बीच अंजाम दी गई। आरोपियों ने अपैक्स समितियों के खातों को डेबिट किया और नियमों के खिलाफ जाकर 'डीएमआर' खातों के जरिए पैसों का अनधिकृत ट्रांसफर किया। किसानों के केसीसी (KCC - किसान क्रेडिट कार्ड) खातों में भी बिना उनकी अनुमति के पैसों का फर्जी लेन-देन और हेरफेर किया गया।
इस मामले में बरमकेला थाने में पहले ही एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। अब इसकी विस्तृत जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) को सौंपने की पूरी तैयारी हो चुकी है। बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि गबन की गई पूरी राशि की वसूली (रिकवरी) दोषी पाए गए कर्मचारियों से नियमानुसार की जाएगी।
फिलहाल, मामले के सामने आने के बाद बैंक ने अपनी निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई तकनीकी कदम उठाने का दावा किया है। केदार नाथ गुप्ता के अनुसार किसानों के नाम पर फर्जी ऋण वितरण रोकने के लिए नया सॉफ्टवेयर लागू किया गया है। इसके साथ ही ई-केसीसी पोर्टल के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को अनिवार्य बनाया गया है। बैंक का कहना है कि डिजिटल निगरानी और तकनीकी सुधारों के जरिए सहकारी बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।



