
💥पंचायत से सांठगांठ कर भाड़े पर ली थी जमीन, ग्रामीणों को नहीं थी जानकारी।
💥ग्रामीणों की आपत्ति पर पंचायत ने किया एग्रीमेंट निरस्त।
💥निरस्ती के एक माह बाद भी नहीं हटाया कब्जा।
💥अग्रोहा ने घेराव का कर लिया पुख्ता इंतजाम, भड़के ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी।
तहतक न्यूज/पूँजीपथरा-रायगढ़, छत्तीसगढ़। क्षेत्र में स्थापित उद्योग प्रबंधनों की मनमानी चरम पर है। कारण यह है कि इन धन-कुबेरों के आगे पूरा सिस्टम लकवाग्रस्त हो गया है। न तो प्रदूषण थम रहा है और ना ही शोषण। ऐसे में उद्योग प्रबंधनों के हौसले बढ़ते ही जा रहे हैं। यहाँ तक कि अब ये स्थानीय गाँवों की जमीनें हड़पने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही कुछ दुस्साहस पाली स्थित अग्रोहा स्टील एन्ड पॉवर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा करने की तस्वीर सामने आ रही है, जिससे क्षेत्र वासियों में आहिस्ता-आहिस्ता आक्रोश पनप रहा है जो कभी भी विस्फोटक रूप ले सकता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत लाखा के आश्रित गाँव चिराईपानी की लगभग एक एकड़ जमीन को अपने पार्किंग के लिए अग्रोहा कंपनी अनाधिकृत रूप से फेंसिंग तार द्वारा स्थायी घेराव व पौधरोपण कर मनमानी पर तुला हुआ है। गाँव की इस जमीन पर रोजाना दर्जनों भारी वाहनों की पार्किंग हो रही है।
पंचायत और अग्रोहा प्लांट पर गंभीर आरोप

चिराईपानी के ग्रामीणों का आरोप है कि छः माह पूर्व ग्राम वासियों की बगैर जानकारी के गुपचुप तरीके से अग्रोहा कंपनी ने लाखा पंचायत से सांठगांठ कर उक्त जमीन को कथित रूप से किराये में लेकर पार्किंग के लिए फेंसिंग तार घेर कर कब्जा कर लिया है। हालाँकि, ग्राम वासियों के आपत्ति करने पर उसे निरस्त कर दिया गया है। पंचायत के सरपंच और सचिव का कहना है कि पंचायत के फंड में शासन से कोई राशि मिल नहीं रही है। पंचायत के पास आय का अन्य स्त्रोत नहीं है इसलिए उक्त जमीन को भाड़े पर दे दिया गया था।
नोटिस लेने से बचने की कोशिश कर रहा अग्रोहा
इस सम्बन्ध में सरपंच इंद्र कुमार पंडा ने जानकारी दी कि कब्जा छोड़ने और घेराव हटाने के लिए नोटिस भेजा गया है, लेकिन कम्पनी प्रबंधन नोटिस लेने में टाल-मटोल कर रहा है। अग्रोहा प्लांट द्वारा प्रति माह 15,000 रुपये के दर से छः माह का 90,000 रूपये जमा कर दिया गया था जोकि इसी जून तक पूरा हो जायेगा।
अग्रोहा की दबंगई से बिफरे लोग, दी आंदोलन की चेतावनी ।
करीब एक माह से अधिक हुए पूर्व किरायानामा निरस्त होने के बावजूद अग्रोहा प्लांट द्वारा जबरन कब्जा किये रहने से ग्राम वासियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। चिराईपानी निवासी विपिन कुमार डनसेना ने स्पष्ट कहा कि प्लांट पाली गाँव में स्थापित है तो पाली की जमीन ले हमारे गाँव चिराईपानी की जमीन पर क्यों कब्जा किया है? जब भाड़ा निरस्त हो गया है तो आज एक माह बाद भी कब्जा नहीं छोड़ रहा है। हमारी जमीन को कंपनी तत्काल मुक्त करे अन्यथा चिराईपानी के ग्रामीण अपने स्तर पर उग्र आंदोलन करेंगे।



