
💥 धान उपार्जन केंद्र लुडेग प्रभारी की मनमानी, 5 बोरी धान की माँग यानि 6 हजार से अधिक की वसूली।
💥 मौके पर पहुँचे तहसीलदार ने प्रभारी को लगायी कड़ी फटकार, होगी कार्रवाई।
तहतक न्यूज/लुड़ेग-जशपुर, छत्तीसगढ़।
प्रदेश में किसानों की सुव्यवस्थित धान खरीदी को लेकर शासन की कड़ी चेतावनी के बाद भी धान उपार्जन केंद्रों में अनियमितता की तस्वीरें सामने आ रही हैं। पूरा मामला लुड़ेग स्थित धान उपार्जन केंद्र का है, जहाँ पिछले दिनों प्रभारी द्वारा प्रति किसान 5 कट्टा अतिरिक्त धान की माँग की जा रही थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार किसानों की शिकायत पर पत्थलगांव एसडीएम के निर्देश पर जब तहसीलदार प्रांजल मिश्रा 12 दिसंबर की शाम मौके पर पहुँचे थे, तब अनियमितताओं को लेकर भारी हंगामा हुआ। किसानों का आरोप है कि फड़ प्रभारी प्रेम बंजारा द्वारा प्रत्येक किसान से अलग से 5 बोरी धान की माँग की जा रही थी। पिछले वर्ष भी किसानों से अतिरिक्त धान या नगद राशि ली जाती रही है। इसी मुद्दे को लेकर उपार्जन केंद्र में तनाव और हंगामे की स्थिति काफी देर तक बनी रही। बताया जा रहा है कि हंगामे के दौरान प्रभारी का बेटा हाथ में डंडा लिए मौजूद था, जबकि वह कोई अधिकृत कर्मचारी भी नहीं है। किसानों का यह भी कहना था कि उनके स्वयं के लेबर से सरकारी बोरियों में धान पलटवाया जा रहा था।
फिलहाल, मौके पर प्रशासन द्वारा पंचनामा तैयार किया गया है, वहीं तहसीलदार द्वारा फड़ प्रभारी प्रेम बंजारा को कड़ी फटकार लगाते हुए उस पर कार्रवाई करने की बात कही है। इस घटना के बाद धान उपार्जन केंद्र की कार्यप्रणाली अब गंभीर सवालों के कटघरे में खड़ी नजर आ रही है। किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
धान उपार्जन केंद्रों में चल रही अनियमितताओं के मामले में तह तक जाकर देखें तो जेहन पर हकीकत की जो तस्वीर उभर कर आती है, उसे देख यह मुहावरा “चोर चोरी से जाय, लेकिन हेराफेरी से नहीं” यहाँ चरितार्थ होती नजर आ रही है। शासन-प्रशासन लाख कोशिश करे, किन्तु गरीब किसान और मजदूर आदिकाल से विवशता की जंजीरों में जकड़े अपनी किस्मत पर केवल आँसू ही बहाते आ रहे हैं।
