
तहतक न्यूज/तमनार-रायगढ़, छत्तीसगढ़।
सड़क दुर्घटना की एक ऐसी भयावह तस्वीर सामने आयी है, जिसने हेलमेट की तरफदारी करने वाली यातायात पुलिस की बिना हेलमेट चालानी कार्यवाही को ही झूठलाते हुए सवालों के दायरे में खड़ा कर दिया है। सड़क दुर्घटना और यातायात पुलिस की आँख-मिचौली में हेलमेट पहने एक बाईक सवार युवक तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आ गया और हेलमेट पहने होने के बावजूद भी उसके सिर में गंभीर चोट लगने से घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गयी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार तमनार ब्लॉक अंतर्गत धौंराभांठा और खुरुशलेंगा के बीच स्थित मुख्य मार्ग पर सुबह लगभग 4 बजे एक भीषण सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार युवक ग्राम जोबरो निवासी अमरसाय राठिया (30 वर्ष) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस अप्रत्याशित घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। बताया जा रहा है कि अमरसाय राठिया पिता चतुर सिंह राठिया फर्स्ट शिफ्ट ड्यूटी करने के लिए अपनी बाईक से निकला था। खुरूशलेंगा पार करने के बाद जैसे ही धौंराभांठा शराब भट्टी के पास पहुँचा, विपरीत दिशा से तेज रफ्तार से आ रहे ट्रेलर ने उसे अपनी चपेट में ले लिया और अमरसाय को बाईक समेत काफी दूर तक घसीटता हुआ ले गया। हालाँकि अमरसाय हेलमेट पहन रखा था, किन्तु हादसा इतना जबरदस्त था कि हेलमेट पहने होने के बाद भी उसके सिर में गंभीर चोट आई और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

यातायात पुलिस दुर्घटना में बचाव के लिए हेलमेट को लेकर क्या कुछ नहीं करती है, कभी चालान वसूलती है तो कभी हेलमेट बाँटती है फिर भी कुछ ऐसे भी लोग हैं जो सुधरने का नाम ही नहीं लेते, लेकिन जो यातायात नियमों का पालन कर हमेशा हेलमेट लगाकर चलते हैं वह भी अब सुरक्षित नहीं हैं। इस घटना ने साबित कर दिया है कि सिर की सुरक्षा के लिए हेलमेट भी पर्याप्त साधन नहीं है। आम नागरिकों और पुलिस को न केवल बचाव को ही ध्यान देना है, बल्कि दुर्घटनाओं के कारण और रोकथाम पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। ड्रंक एन्ड ड्राइव, ओवरलोड, ओवरस्पीड, अनफिट व्हीकल्स पर भी सतत निगरानी हो तो भीषण हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है और साधारण घटनाओं में हेलमेट भी अपनी उपयोगिता साबित कर सकता है।
