Subscribe
tahtaknews.com
  • राष्ट्रीय
  • छत्तीसगढ़
  • रायगढ़ न्यूज
  • क्राईम न्यूज
  • आसपास
  • राजनीतिक
  • मनोरंजन
  • विविध
Facebook Twitter Youtube Whatsapp
Breaking News
महिला बाल विकास विभाग में साड़ी घोटाला, कांग्रेस कमेटी ने किया मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े का पुतला दहन
अग्रोहा प्लांट कर रहा गाँव की आरक्षित भूमि पर जबरन कब्जा, भड़के ग्रामवासियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
रायगढ़-धरमजयगढ़ मार्ग के गुणवत्ताहीन साइड शोल्डर पर उठ रहे गंभीर सवाल
श्री रूपाणाधाम कंपनी में मजदूर की मौत को लेकर मालिक के खिलाफ एफआईआर और गिरफ्तारी की माँग 
संभव नहीं शांभवी को मिलना ग्रामीणों का समर्थन..! जनसुनवाई को लेकर ग्रामीणों में सुलगने लगी है विरोध की चिंगारी
महिला बाल विकास विभाग में साड़ी घोटाला, कांग्रेस कमेटी ने किया मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े का पुतला दहन
अग्रोहा प्लांट कर रहा गाँव की आरक्षित भूमि पर जबरन कब्जा, भड़के ग्रामवासियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
रायगढ़-धरमजयगढ़ मार्ग के गुणवत्ताहीन साइड शोल्डर पर उठ रहे गंभीर सवाल
श्री रूपाणाधाम कंपनी में मजदूर की मौत को लेकर मालिक के खिलाफ एफआईआर और गिरफ्तारी की माँग 
संभव नहीं शांभवी को मिलना ग्रामीणों का समर्थन..! जनसुनवाई को लेकर ग्रामीणों में सुलगने लगी है विरोध की चिंगारी
tahtaknews.com
Facebook Twitter Youtube X-twitter Whatsapp
Search
महिला बाल विकास विभाग में साड़ी घोटाला, कांग्रेस कमेटी ने किया मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े का पुतला दहन
अग्रोहा प्लांट कर रहा गाँव की आरक्षित भूमि पर जबरन कब्जा, भड़के ग्रामवासियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
रायगढ़-धरमजयगढ़ मार्ग के गुणवत्ताहीन साइड शोल्डर पर उठ रहे गंभीर सवाल
श्री रूपाणाधाम कंपनी में मजदूर की मौत को लेकर मालिक के खिलाफ एफआईआर और गिरफ्तारी की माँग 
संभव नहीं शांभवी को मिलना ग्रामीणों का समर्थन..! जनसुनवाई को लेकर ग्रामीणों में सुलगने लगी है विरोध की चिंगारी
tahtaknews.com
Facebook Twitter Youtube X-twitter Whatsapp
Made by ThemeRuby using the Foxiz theme Powered by WordPress
tahtaknews.com > Blog > छत्तीसगढ़ > मुड़ागांव की तरह क्या पुरंगा को मूड़ पायेगा अडानी का उस्तरा..?

मुड़ागांव की तरह क्या पुरंगा को मूड़ पायेगा अडानी का उस्तरा..?

Pancham Singh Thakur By Pancham Singh Thakur 27 October 2025 6 Min Read
Share

तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़।
           ” यथा नाम तथा गुण ”  यह बात अडानी पर सटीक बैठ रही है, क्योंकि अडानी कोयला खदान खोलने के लिए अपने नाम के अनुरूप अड़ा हुआ है। आजकल अडानी का नाम सुनते ही लोग समझ जाते हैं कि साम, दाम, दण्ड, भेद की नीति का चाणक्य अडानी कुछ भी कर सकता है, चाहे अपना विकास हो या प्रकृति का विनाश। लोग कहते हैं, रायगढ़ में जहां भी यह कंपनी जाती है धूमकेतु की तरह विनाश ही करती है। पुसौर के बड़े भंडार हो या फिर तमनार का मुड़ागांव। लोग त्राहिमाम्-त्राहिमाम् कर रहे हैं, वहीं प्रशासन भी अडानी के वशीकरण का शिकार नजर आ रहा है। तभी तो तमाम विरोधों के बावजूद अडानी ने खदान शुरू कर ही दिया।

बताते चलें कि पुरूंगा माइंस  के लिए भी अडानी के हौसले बुलंद है। कुछ दिन पहले जिला प्रशासन ने ग्रामीणों और कंपनी के बीच सुलह जैसी खबरें प्रकाशित कर एक निजी कंपनी का हितैषी होने का संकेत भी दे दिया है। पहली बार ऐसा देखा जा रहा है जब एक निजी कंपनी के लिए जिला प्रशासन नतमस्तक है। जबकि सच्चाई यह है कि माइंस को लेकर अभी भी गतिरोध बरकरार है। कंपनी के प्रलोभनों और ऊपर से आए दबाव के बीच नेता भले ही पीछे हट गए हों पर अपना सबकुछ दांव पर लगाने वाली जनता अड़ी हुई है।

उल्लेखनीय है कि पुरुंगा माइंस के लिए होने वाली जनसुनवाई पर अब भी हंगामा मचा हुआ है। स्थानीय नेताओं से अलग ग्रामीणों ने एकजुट होकर जनसुनवाई के विरोध में आवाज उठाई है। अंडरग्राउंड माइंस होने की वजह से इसके दुष्प्रभाव अलग तरह के हैं। ग्रामीणों तक सही जानकारी नहीं पहुंच रही है। पुरुंगा कोल ब्लॉक का आवंटन अडानी ग्रुप की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स को हुआ है। पुरुंगा कोल ब्लॉक में इसलिए अंडरग्राउंड माइनिंग किया जा रहा है क्योंकि स्ट्रिपिंग रेशियो बहुत ज्यादा है। ओपन कास्ट होता तो मुआवजे के अलावा खनन की लागत बहुत ज्यादा होती। 11 नवंबर को इसके लिए जनसुनवाई होनी है। इससे पहले ही ग्रामीण भूमिगत खदान से होने वाले नुकसान के चलते विरोध कर रहे हैं।

पहले इस कोल ब्लॉक का आवंटन छग नेचुरल रिसोर्सेस प्रा.लि. कंपनी को किया गया था। बाद में स्वामित्व अंबुजा सीमेंट को ट्रांसफर किया गया है। छग नेचुरल रिसोर्सेस से अंबुजा सीमेंट को ओनरशिप ट्रांसफर की गई है। छाल तहसील के कोकदार, तेंदुमुड़ी, पुरुंगा और समरसिंघा गांव की 870 हेक्टेयर भूमि इस माइंस के लिए अधिग्रहित की जानी है। सालाना 2.25 मिलियन टन कोयला उत्पादन होना है। चार गांवों में 869 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होगा। इसमें से 621.33 हे. वन भूमि, 26.89 हे. शासकीय भूमि और 220 हे. निजी भूमि है। चारों गांवों में छोटे-छोटे तालाब, बोरवेल आदि हैं। बीच में प्रशासन की मध्यस्थता से आपस में बातचीत हुई लेकिन आंदोलन दोबारा खड़ा हो गया है। गांवों में लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। ग्रामीणों की जमीन इससे प्रभावित नहीं हो रही है। अंडरग्राउंड माइंस के गेट (मुहाने) के पास कुछ जमीन ली जाएगी। मुआवजा का प्रावधान भी नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि भूजल स्रोत और पीएमजीएसवाई सड़कें बर्बाद हो जाएंगी।

सबसे अहम् बात यह है कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग घर, जमीन-जायदाद को अपने पूर्वजों की निशानी मानते हैं। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को उसकी जड़ों से, उसकी पैतृक संपत्ति, पैतृक आवास से बेदखल किया जाए तो विरोध स्वाभाविक है। रायगढ़ जिले में स्थापित छोटी हो या बड़ी, किसी भी कंपनी ने स्थानीय जनता के हितों को ध्यान नहीं दिया और न ही अपने कार्यों से जनता के बीच भरोसा प्राप्त किया है। यही कारण है कि अब किसी भी कंपनी पर लोग भरोसा नहीं कर रहे हैं और वेदांता, जेएसपीएल, जेपीएल, अंबुजा सबकी कोल माइंस का पूरजोर विरोध कर रहे हैं।

किसी का विरोध करने की जितनी व्यवस्था लोकतंत्र ने दी है उसी आधार पर प्रभावित गांव के लोग आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अडानी कंपनी ने शुरू से ही दमनात्मक रवैया अपनाया। मुड़ागांव के ग्रामीणों ने जब बताया कि जंगल काटने के लिए ग्राम सभा हुई ही नहीं है तो कंपनी फर्जी ग्राम सभा का दस्तावेज तैयार किया। ग्रामीण कटाई और मुआवजा के लिए नहीं माने तो अडानी के गुर्गे ग्रामीण बनकर कंपनी का सर्मथन करने संबंधित विभाग पहुंच गए। जिन बड़े लोगों ने विरोध किया उन्हें अपने हिसाब से सेट कर लिया गया। कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने विरोध का नाटक किया और अडानी कंपनी ने उन्हें लालच देकर शांत कर दिया। कंपनी के विरोध में मामले चल रहे हैं, परन्तु वरदहस्त प्राप्त कंपनी ही लोकतंत्र की हत्या कर मनमानी करने में व्यस्त है और यही तरीका अब अडानी के गुर्गे पुरुंगा में अपना रहे हैं।
बहरहाल, जिसकी लाठी उसकी भैंस वाली कहावत अभी भी कायम है। आदिवासियों के हित के लिए बनाये गए नियम-कानून केवल पन्नों में नजर आते हैं। जमीनी स्तर पर इसका कोई लाभ नहीं है। वस्तु स्थिति की तह तक जाकर देखें तो यही प्रतीत होता है कि नीति-नियम केवल दिखावे के लिए ही बनाये जाते हैं और इसे तोड़ने के लिए चाँदी के चंद सिक्के ही पर्याप्त हैं।

Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram
Previous Article अ.भा.प.सु. समिति के राष्ट्रीय अधिवेशन बिलासपुर में बड़ी संख्या में शिरकत करेंगे रायगढ़ के पत्रकार
Next Article जनसंपर्क अधिकारी द्वारा पत्रकार से मारपीट और झूठी FIR दर्ज पर लैलूंगा के पत्रकारों ने सौंपा ज्ञापन
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खबरें और भी ...

फिर जाग उठा दिल्ली के निर्भया कांड का वो बेरहम राक्षस 

छत्तीसगढ़

साइबर फ्रॉड पर आधारित  फिल्म “खौफ – द डिजिटल वॉर” का भव्य शुभारंभ

छत्तीसगढ़

एक दर्जन से अधिक हिरणों की दर्दनाक मौत का जिम्मेदार कौन..?

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने होगा व्यापक प्रचार-प्रसार, 6 दिवसीय फेम ट्रिप सफलतापूर्वक संपन्न

छत्तीसगढ़
tahtaknews.com
TahTakNews.com तह तक न्यूज हिन्दी समाचार न्यूज पोर्टल है, पोर्टल में भारत के कई राज्य की खबरों को प्राथमिकता के साथ प्रकाशित की जाती है, साइड के कुछ तत्वों के द्वारा उपयोगकर्ता के द्वारा किसी प्रकार के फोटो वीडियो सामाग्री के लिए चैनल जिम्मेदार नहीं होगा, प्रकाशित खबरों के लिए संवाददाता या खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा।

Owner : pancham singh thakur​

Mobile : 8349670003
office : beladula kharraghat chowk Raigarh CG 496001
Email : panchamsinghthakur109@gmail.com


शहर के अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर कोतवाली पुलिस ने 4 व्यक्तियों को सट्टा पट्टी लिखते पकड़ा
एसईसीएल छाल में चल रही ब्लास्टिंग अधिकारी की मनमानी, किसी समय कर रहे ब्लॉस्टिंग
महिला बाल विकास विभाग में साड़ी घोटाला, कांग्रेस कमेटी ने किया मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े का पुतला दहन
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?