रायगढ़ के चक्रधरनगर चौक में 38 वें दुर्गोत्सव का होगा चार दिवसीय भव्य आयोजन

तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़।
हिन्दुओं के महापर्व नवरात्रि के आगमन से पहले ही तैयारियाँ होनी शुरू हो जाती हैं। इसी तारतम्य में रायगढ़ शहर के चक्रधरनगर चौक में इस बार 38 वें दुर्गा पूजन उत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसके लिए चक्रधरनगर युवा समिति की एक आवश्यक बैठक 02 सितंबर को चक्रधरनगर बस स्टैंड में संपन्न हुई थी। बैठक में शांति और सौहार्द्र पूर्ण तरीके से दुर्गा उत्सव मनाने के लिए जिम्मेदारी तय की गई। आयोजन का अध्यक्ष शरद महापात्रे को बनाया गया है।

विदित हो कि चक्रधर नगर बस स्टैंड में विगत कई वर्षों से दुर्गा पंडाल बनाया जा रहा है, जहां देवी दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर 3 दिनों तक विधि-विधान से पूजन के बाद चौथे दिन अर्थात् विजयादशमी को माता दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जित कर दिया जाता है। दुर्गोत्सव के दौरान चक्रधरनगर क्षेत्र में लाखों भक्तों की भीड़ होती है। दूर-दूर से लोग भव्य और आकर्षक दुर्गा पंडाल देखने आते हैं। पिछले 37 सालों से यह आयोजन होता आ रहा है।

चक्रधरनगर दुर्गोत्सव समिति के अध्यक्ष शरद महापात्रे ने बताया कि चक्रधरनगर चौक की माता दुर्गा पंडाल में कम से कम 10 मोहल्ले आते हैं, जो मिलकर यह आयोजन करते हैं। हमारे यहां के युवा शांतिप्रिय तरीके से सभी धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लेते हैं। कहने को तो यह आयोजन 4 दिन का होता है पर इसकी तैयारियां अभी से शुरू हो गई है। पंडाल को ही बनाने में एक महीने का समय लगता है। फिर पंडाल के अनुसार माता की प्रतिमा का निर्माण होता है। यह दुर्गोत्सव पूजन का गरिमामय 38 वां आयोजन है जिसमें चक्रधरनगर के युवाओं का जोश व मेहनत और वरिष्ठों का मार्गदर्शन मिलता है।

आयोजन समिति के संरक्षक विवेक रंजन सिन्हा ने बताया कि इस बार का दुर्गोत्सव बीते हर बार से ज्यादा भव्य और व्यापक होगा। पूजन में आने वाले भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था किये जाएंगे ताकि उन्हें माता के दर्शन में किसी तरह की तकलीफ न हो। माता की कृपा से चक्रधरनगर की दुर्गा पूजन का आयोजन हमेशा बेहतर रहा है। मुझे तीसरी बार जिम्मेदारी मिली है पूरी कोशिश रहेगी कि दुर्गोत्सव शानदार तरीके से भक्तिभाव में संपन्न हो।

बता दें कि रामलीला मंचन चक्रधर नगर दुर्गा उत्सव की पहचान बन गयी है, जिसे स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। इसे देखने के लिए दूर-दूर के गाँव से लोग बड़ी संख्या में आते हैं और देर रात तक रुक कर रामलीला दर्शन का लाभ उठाते हैं। रामलीला में स्थानीयता का भाव और पुट दोनों समाहित होता है, जिसे लोग बहुत पसंद करते हैं। इस बार भी रामलीला के आखरी दिन यहीं से प्रभु श्रीराम की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी जो चक्रधर नगर के मुख्य मार्गों से से होते हुए शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम तक जाएगी, जहाँ रावण दहन का कार्यक्रम होगा।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को दुर्गोत्सव आयोजन की बैठक में सर्वसम्मति से कौशलेष मिश्रा, विवेक रंजन सिन्हा, पंकज कंकरवाल व राजू मिश्रा को संरक्षक बनाया गया है। इस बैठक में पदाधिकारियों में उपाध्यक्ष-अरुण उपाध्याय,कोषाध्यक्ष-सुशील गुप्ता , सचिव-रोशन चंद्रा,सहसचिव-प्रदीप महापात्रे व शैलेश शराफ को बनाया गया।

बैठक में प्रशांत कोका,आशिक़ हुसैन,आशीष चौबे,कौशिक भौमिक,जयराज केशरवानी,रवि महापात्रे,विवेक वैष्णव(बंटी), राहुल,देवेंद्र महापात्रे,आकाश कंकरवाल,विकास गुप्ता,पृथ्वी कंकरवाल,महेंद्र महापात्रे,चाँद,अशोक बरेठ,जागेश साहू,अमन,राजू देवांगन,भानु महापात्रे,सौरभ थवाईत,अभिलाष गुप्ता व अन्य उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *