
तहतक न्यूज/महाराष्ट्र।
समाज में कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो तमाशा देखने और मुँह का मजा लेने के लिए झूठी अफवाह फैला देते हैं और लोगों को मौत के मुँह में धकेल देते हैं। अफवाह और भगदड़ मचने से केवल तबाही, बर्बादी और मौत ही आती है, ऐसी ही एक घटना महाराष्ट्र के जलगांव में ट्रेन हादसे के रूप में सामने आयी है जिसमें एक दर्जन से अधिक यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गयी।
पचोरा के पारधाड़े स्टेशन के पास, लखनऊ से मुंबई जा रही पुष्पक एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैलने के बाद अफरातफरी मच गई। यात्रियों ने चेन पुलिंग की और ट्रेन से बाहर कूदना शुरू कर दिया। ठीक ऐन वक्त में दूसरे ट्रैक पर कर्नाटक एक्सप्रेस आ रही थी। तेज रफ्तार ट्रेन रुक पाती इसके पहले ही कई यात्री चपेट में आ गये। इस भयानक हादसे में 13 यात्रियों की मौत हो गयी और कई घायल हो गये।
सवाल उठता है कि इस दिल दहला देने वाली घटना का जिम्मेदार कौन है? आखिर आग लगी कैसे और लगी नहीं तो ऐसी अफवाह किसने और क्यों फैलायी? सैकड़ों यात्रियों को लेकर चलने वाली ट्रेन में तमाम सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद भी यात्रियों में अफरा-तफरी व बिना सोचे-समझे जान बचाने कहीं भी कूद जाना जहाँ रेलवे विभाग की लापरवाही को दर्शाता है तो वहीं इस हाई टेक के जमाने में ऐसी दुर्घटनाओं का होना एक गंभीर चिंता का विषय है।