चल उड़ जा रे पंछी… के अब तो देस हुआ बेगाना…

💥तोता पालने पर लगा प्रतिबन्ध, उल्लंघन पर खानी पड़ेगी जेल की हवा…!

तोतों को मिलेगी पिंजरे से मुक्ति, घर पर नहीं आकाश में बोलेगा "तपत कुरू"

💥 तोता गंगाराम कुँवारा नहीं, गूंगा और अवारा रह जायेगा…?

तहतक न्यूज/रविवार/25 अगस्त 2024/रायगढ़.
तोता पालने वालों के लिए एक बुरी खबर आयी है तो वहीं तोतों को आजादी का खूबसूरत पैगाम मिला है। छत्तीसगढ़ राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव ने सभी डीएफओ को निर्देशित किया है कि कानूनी संरक्षण प्राप्त तोता व अन्य पक्षियों की अवैध खरीदी-बिक्री या घरों में उसके पालन अथवा रख-रखाव पर रोक लगायी जाय। आपको बता दें कि राज्य में पक्षियों के धड़ल्ले से चल रहे बिक्री की शिकायत पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 में हुए संसोधन की अनुसूची में तोता सहित अन्य पक्षियों की खरीद-बिक्री तथा पालन करना पूर्णतया प्रतिबंधित किया गया है। अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सजा का भी प्रावधान है। शिकायत दर्ज कराने के लिए विभागीय स्तर पर एक अधिकारी का नाम उसके मोबाईल नंबर सहित जारी करने के स्पष्ट निर्देश हैं।


अगर आपने भी तोता या अन्य पक्षी पाल रखा है तो उन्हें वन विभाग को सौंप कर तत्काल मुक्त कर दें अन्यथा जेल तक की हवा खानी पड़ सकती है।


जारी निर्देश के बाद पक्षी प्रेमियों खासकर तोता पालकों में हड़कंप मचना स्वाभाविक है। तह तक की बात करें तो शहर की बजाय गाँव-देहातों में तोता पालकों की संख्या ज्यादा है और लोगों ने उसे बड़े ही प्यार से पाल रखा है। ऐसे में अपने प्यारे मिट्ठू मियाँ से बिछड़ने का गम सह पाना कितना दुःखद होगा यह तो तोता प्रेमी ही बता पायेंगे। बहरहाल लोगों के मन में यही एक सवाल उठ रहा है कि जंगल तो बचा नहीं पा रहे हैं पक्षी अपना घोंसला कहाँ बनाएंगे? पक्षियों को संरक्षण कहाँ मिलेगा ?

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