आँगन में सोने से मना करने पर नहीं मानी पत्नी तो गुस्से में आगबबूला पति ने सुला दी मौत की नींद 

💥कापू के ग्राम पारेमेर में महिला की हत्या।
💥पत्नी की हत्या का आरोपी पति गिरफ्तार, कापू पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर 24 घंटे के आरोपित को भेजा रिमांड पर।
💥घरेलू विवाद में पत्नी की हत्या कर फरार होने की फिराक में था आरोपी, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा।

तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। घर में छोटा सा विवाद कभी-कभी इतना बड़ा रूप ले लेता है कि इंसान आवेश में आकर अपना विवेक खो बैठता है और हत्या जैसे वारदात को अंजाम दे देता है और जब होश आता है तब तक बहुत देर हो चुका होता है। किसी की जान चली जाती है, बच्चे अनाथ हो जाते हैं, परिवार बिखर जाता है और वह जेल की सलाखों के पीछे ताउम्र पश्चाताप के आँसू बहाने के लिए मजबूर हो जाता है। ऐसी ही एक घिनौनी तस्वीर सामने आयी है जिसे देख पूरा समाज स्तब्ध रह गया है।
        बता दें कि दिनांक 28 जून 2026 की सुबह थाना कापू पुलिस को ग्राम पारेमेर में एक महिला की हत्या की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कापू उप निरीक्षक इगेश्वर यादव पुलिस टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पहुंचे। मौके पर जीतो बाई मंझवार (43 वर्ष) का शव उसके घर में मिला। पुलिस द्वारा मौके पर मर्ग पंचनामा की कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया तथा चिकित्सक से शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त की गई।
                 मर्ग जांच एवं प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर मृतिका के पति रामनाथ मंझवार द्वारा हत्या किया जाना पाए जाने पर थाना कापू में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
फरार होने से पहले घेराबंदी कर आरोपी गिरफ्तार
          विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि गिरफ्तारी से बचने आरोपी गांव से फरार होने की तैयारी में है। पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी रामनाथ मंझवार पिता सेलठू राम मंझवार, उम्र 50 वर्ष, निवासी ग्राम पारेमेर, थाना कापू को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि घटना की रात पत्नी के साथ मामूली विवाद हुआ था। बीते राम खाना पीना के बाद जीतो बाई आंगन में सो गई थी जिसे रामनाथ ने घर अंदर जाकर सोने बोला, जीतो बाई के नहीं जाने पर झगड़ा विवाद कर पहले हाथ मुक्के से मारपीट किया फिर लकड़ी के डंडे से हमला किया जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
          आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त लकड़ी का डंडा एवं घटना के समय पहने हुए कपड़े विधिवत ई-साक्ष्य एवं वीडियोग्राफी के साथ जब्त किए गए। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
         वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन पर हुए इस त्वरित कार्रवाई में थाना प्रभारी कापू उप निरीक्षक इगेश्वर यादव, प्रधान आरक्षक सोमेश गोस्वामी, आरक्षक जागेश्वर मरावी एवं महिला आरक्षक संगीता राठिया की सराहनीय भूमिका रही।
         "क्षणिक आवेश में किया गया अपराध केवल एक व्यक्ति का जीवन नहीं छीनता, बल्कि पूरे परिवार को बिखेर देता है। छोटी-छोटी बातों पर हिंसा का रास्ता अपनाने के बजाय संवाद और संयम रखें। कानून अपने हाथ में लेने वालों के लिए जेल ही अंतिम परिणाम होता है।" - एसएसपी शशि मोहन सिंह, रायगढ़।

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