सिंघल इंटरप्राइजेज के खिलाफ बड़े जन आंदोलन की तैयारी, जन हित के मुद्दों को लेकर होगा कंपनी का घेराव


तहतक न्यूज /रायगढ़, छत्तीसगढ़। जिले में स्थापित  औद्योगिक इकाइयों की लापरवाही और मनमानी बढ़ती जा रही है, जिसके चलते आम जनता में आक्रोश का माहौल है। पूंजीपथरा क्षेत्र भयंकर प्रदूषण का गढ़ बन चुका है और इसकी चपेट में आसपास के गाँव ही नहीं पूरा रायगढ़ शहर सुलग रहा है। यही वजह है कि उद्योगों के खिलाफ पर्यावरण प्रदूषण सहित स्थानीय रोजगार, श्रमिक सुरक्षा और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर अब आंदोलन और तेज होने जा रहा है। जिला युवा कांग्रेस (ग्रामीण) अध्यक्ष उस्मान बेग एवं जिला एनएसयूआई अध्यक्ष आरिफ हुसैन के नेतृत्व में आंदोलन के अगले चरण की शुरुआत 08 अप्रैल को ग्राम तराईमाल स्थित सिंघल इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड प्लांट के घेराव से की जाएगी।
        इस प्रस्तावित आंदोलन को लेकर पहले जिला युवा कांग्रेस एवं जिला एनएसयूआई के जिला कार्यालय में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक में जिलेभर से मिल रही शिकायतों, स्थानीय युवाओं की बेरोजगारी, श्रमिक शोषण, प्रदूषण और जनहित के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अब उद्योगों के खिलाफ चरणबद्ध जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
       बैठक में आंदोलन के प्रथम चरण में 08 अप्रैल को सिंघल प्लांट का व्यापक घेराव और प्रदर्शन किये जाने की रणनीति बनाई गयी। इसके बाद जिला प्रशासन को  अवगत कराने हेतु रायगढ़ कलेक्टर को विधिवत ज्ञापन के माध्यम से प्रस्तावित आंदोलन की लिखित सूचना सौंप दी गई, ताकि प्रशासन आवश्यक कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर सके।
        युवा नेता उस्मान बेग और आरिफ हुसैन ने कहा कि जिलेभर से कई औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। इनमें पर्यावरण प्रदूषण, श्रमिकों की सुरक्षा में लापरवाही, स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं देना तथा जनहित से जुड़े अनेक गंभीर विषय शामिल हैं। इन मुद्दों को लेकर पूर्व में कलेक्ट्रेट घेराव कर प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो उद्योगों का घेराव किया जाएगा।
         वर्तमान समय में आये दिन विरोध के सुर सुनाई दे रहे हैं। हर मोड़ पर कहीं न कहीं जनता चीखती नजर आ रही है। सवाल उठता है कि क्या जनहित की हर छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए आम जनता को अब आंदोलन का ही रुख अख्तियार करना होगा? क्या सारे जिम्मेदार लोग नशे के आगोश में कुम्भकर्ण की नींद सो रहे हैं जिन्हें जगाने के लिए जनता को धरना प्रदर्शन, चक्काजाम, घेराव जैसे अनचाहे कार्य करने पड़ रहे हैं?

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