तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। समाज में सोशल मीडिया का मायाजाल इस कदर हावी हो चुका है कि तिलस्मी फेसबुक की चकाचौंध में उलझ कर शिक्षित लोग भी भ्रम का शिकार हो जाते हैं। ऐसी ही फेसबुक की तिलस्मी दुनिया और अँधे प्यार के दलदल में फँस कर एक युवती ने न केवल अपने सतीत्व को कलंकित किया, बल्कि अपने कुल परिवार की मान-मर्यादा को लज्जित कर अपने सुनहरे भविष्य को अंधकार के गर्त में धकेल दिया। हालाँकि, महिला थाना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शादी का झांसा देकर शारीरिक सम्बन्ध बनाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता ने दिनांक 20 मार्च 2026 को महिला थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वर्ष 2021 में उसकी पहचान फेसबुक के माध्यम से रामभाठा निवासी प्रतीक सिदार से हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई और आरोपी द्वारा शादी का आश्वासन देकर पीड़िता के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया। पीड़िता के अनुसार दिनांक 04 मार्च 2024 से जनवरी 2026 के बीच आरोपी ने विभिन्न स्थानों पर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में जब पीड़िता ने आरोपी से शादी करने की बात कही, तो आरोपी ने शादी से साफ इनकार कर दिया।
प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने आरोपी प्रतीक सिदार पिता परशुराम सिदार उम्र 26 वर्ष निवासी रामभाठा, ज्वाहर नगर, थाना सिटी कोतवाली जिला रायगढ़ को उसके निवास से हिरासत में लेकर थाना लाया गया, जहां पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया। पुलिस द्वारा आरोपी की विधिवत मेडिकल एवं गिरफ्तारी की कार्रवाई पूर्ण कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
महिला संबंधी अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के तहत थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त, सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे, प्रधान आरक्षक संदीप भगत एवं टीम की सराहनीय भूमिका रही है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त शब्दों में कहा है कि महिलाओं से जुड़े अपराधों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा, हर शिकायत पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
बात तहतक की करें तो वर्तमान युग आधुनिक पश्चिमी सभ्यता के चमक-दमक का गुलाम हो गया है। युवा पीढ़ी शिक्षित होते हुए भी अपनी संस्कृति को छोड़ मॉडर्न फैशन को ज्यादा महत्व देते हुए इसका अंधा अनुशरण करते हैं और बिना सोचे समझे गलत निर्णय ले लेते हैं। अंततः इसका परिणाम दुख और केवल दुख ही होता है। अतः कथित मॉडर्न जमाने की रंग-बिरंगी जादुई मायाजाल में न पड़ कर अपने माता-पिता अथवा बड़े-बुजुर्गों की सलाह लेकर ही उचित कदम बढ़ाएं अन्यथा अनुचित फैसले के दुष्परिणाम तो स्वयं को ही झेलने पड़ेंगे।



