ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने उद्यमिता विकास कार्यक्रम का गाँव-गाँव में हो रहा सफल आयोजन


तहतकन्यूज/लैलूंगा-रायगढ़, छत्तीसगढ़। आरएएमपी योजना के अंतर्गत रायगढ़ जिले के विकास खण्ड लैलूंगा के ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उद्यमिता विकास कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उद्यमिता से जुड़े आवश्यक कौशल प्रदान कर उन्हें स्वरोज़गार एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाना है। कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं को व्यवसाय प्रारंभ करने से लेकर उसके सफल संचालन तक की संपूर्ण जानकारी प्रदान की जा रही है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उद्योग स्थापना, वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल साक्षरता, उद्योग से जुड़े नियम-कानून, आवश्यक दस्तावेज़, बैंक ऋण, वित्तीय परामर्श तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से उद्यम को जोड़ने की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन सीएसआईडीसी एवं जिला उद्योग केंद्र रायगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इनके सहयोग से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोज़गार के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग तथा सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। आरएएमपी योजना के अंतर्गत दो प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रथम चरण में एक दिवसीय उद्यमिता जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं द्वितीय चरण में 14 दिवसीय गहन उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। अब तक एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ढाप, सलखिया, नारायणपुर, भेलवांटोली, हीरापुर, केन्दाटिकरा, पाकरगांव, बीरसिंघा एवं लैलूंगा (नगर पंचायत) सहित विभिन्न ग्रामों में सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। वहीं 14 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अंतर्गत अब तक ढाप, सलखिया, नारायणपुर, भेलवांटोली, पाकरगांव एवं लैलूंगा (नगर पंचायत) सहित विभिन्न ग्रामों में प्रशिक्षण संपन्न हो चुके हैं। वर्तमान में बीरसिंघा ग्राम में साबुन एवं सर्फ निर्माण से संबंधित 14 दिवसीय उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिसमें ग्रामीण महिलाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से छोटे उद्योग स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह संपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम भावसर फाउंडेशन द्वारा संचालित किया जा रहा है । इस पहल का उद्देश्य रायगढ़ जिले की ग्रामीण महिलाओं एवं समुदाय को आत्मनिर्भर बनाना, स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों को बढ़ावा देना तथा स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं में उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा मिल रहा है और वे आत्मविश्वास के साथ अपने स्वयं के व्यवसाय स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं।
          विदित हो कि लैलूंगा विधानसभा आदिवासी बाहुल्य और जिले में सबसे पिछड़ा विधानसभा क्षेत्र है। वहीं जिला मुख्यालय से कोसों दूर होने की वजह से आला अधिकारियों के दौरे कम ही होते हैं। ऐसे में क्षेत्र के ग्रामीण महिलाओं को व्यवसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वावलम्बी बनाने का प्रयास निःसंदेह सराहनीय है। ग्रामीण महिलाओं के लिए यह वास्तव में सुनहरा अवसर है। इसमें महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा संख्या में हिस्सा लेकर लाभ उठाया जाना चाहिए।

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