
तहतक न्यूज/लैलूंगा-रायगढ़, छत्तीसगढ़। संतान प्राप्ति के लिए इंसान क्या-क्या नहीं करता? मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या चर्च की ऐसी कोई दहलीज नहीं बचती जहाँ मत्था न टेका गया हो, लेकिन कुछ ऐसे भी कलयुगी पिता होते हैं जो मनुष्य के नाम पर कलंक हैं। जी हाँ, एक ऐसे ही नराधम और हैवान व्यक्ति के हैवानियत की घृणास्पद तस्वीर सामने आई है जिसे देखकर आपकी रूह काँप उठेगी। थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 15, ग्राम जामढोंढी भदरापारा में एक पिता ने अपने ही 6 वर्षीय पुत्र की कुएं में डुबोकर हत्या कर दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन एवं एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन पर लैलूंगा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर 24 घंटे के भीतर जेल भेज दिया है।
घटना के संबंध में आरोपी विनोद के भाई मनोज महेश्वरी के अनुसार वे तीन भाई हैं—बड़ा विजय, मंझला विनोद और वह स्वयं। विजय अपने परिवार के साथ निर्माणाधीन मकान में रहता है, जबकि विनोद अपने दो पुत्रों (उम्र 8 वर्ष एवं 6 वर्ष) के साथ बगल के घर में रहता था। उसकी पत्नी अलग रह रही थी और वह घरेलू विवाद के कारण तनावग्रस्त रहता था।
रविवार 8 फरवरी की शाम लगभग 6 बजे विनोद अपने छोटे बेटे के साथ घर के सामने खड़ा था। अगले दिन सुबह मनोज जब मकान के पीछे स्थित कुएं के पास टुल्लू पंप चालू करने गया, तो कुएं के भीतर से विनोद की आवाज आई कि मोटर बंद कर दो, वह भीतर है। आसपास के लोगों को बुलाकर पूछताछ करने पर विनोद ने बताया कि उसने अपने छोटे बेटे को हत्या की नियत से कुएं में फेंक दिया और स्वयं अंदर उतरकर पानी में डुबोकर उसकी हत्या कर दी।
इस संवेदनशील मामले में थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव एवं उनकी टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपी को चौबीस घंटे के अंदर अपनी गिरफ्त में लेकर उसे सलाखों के पीछे भेज दिया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का कड़ा संदेश देते हुए इस मार्मिक घटना पर कहा है कि “यह घटना अत्यंत पीड़ादायक और झकझोर देने वाली है। किसी भी परिस्थिति में कानून हाथ में लेना या मासूम जीवन के साथ इस प्रकार की क्रूरता अस्वीकार्य है। घरेलू तनाव या पारिवारिक विवाद का समाधान हिंसा नहीं हो सकता। समाज और परिवार दोनों की जिम्मेदारी है कि ऐसे मानसिक तनाव के संकेतों को गंभीरता से लें। रायगढ़ पुलिस ऐसे जघन्य अपराधों पर त्वरित एवं कठोर वैधानिक कार्रवाई करती रहेगी। कानून से ऊपर कोई नहीं है।”
इस ह्रदयविदारक घटना में तह तक जाकर मंथन करें तो आज के दौर में लगभग हर इंसान को अपने पारिवारिक जीवन में कहीं न कहीं कुछ न कुछ तनाव की स्थिति से गुजरना पड़ता है। खासकर पति-पत्नी के बीच छोटी-मोटी बातों का तनाव जब धीरे-धीरे विकट रूप धारण कर लेता है तो दोनों एक-दूसरे को सबक सिखाने की मंशा से बड़ी अनहोनी कर बैठते हैं और बाद में पश्चाताप के आँसू बहाने के सिवा कुछ नहीं बचता।
अतः जब कोई तनाव, विवाद या अवसाद से गुजर रहा हो तो परिवार के अन्य सदस्यों तथा समाज के लोगों को समय रहते हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान किया जाना आवश्यक है वरना, आये दिन इस तरह की तस्वीरें सामने आती रहेंगी।
