
💥तहसीलदार को भटकना पड़ रहा एफआईआर के लिए।
💥 कलेक्टर के गार्ड पर गंभीर आरोप, पुत्र राहुल के साथ की गाली-गलौज और मारपीट।
💥 एफआईआर लेने झिझक रही पुलिस, धरने पर बैठे तहसीलदार।
तहतक न्यूज/सारंगढ़-बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़। ‘धरने पर बैठना’ अर्थात् माँग या विरोध को पूरा करवाने के लिए दृढ़ता से शांति पूर्वक अनिश्चित समय तक अड़कर भूख हड़ताल पर बैठ जाना। ऐसा अक्सर पीड़ित आम जनता या जनप्रतिनिधि व नेता आदि करते हैं, लेकिन प्रशासन का कोई अधिकारी जब धरने पर बैठ जाय तो यह मामला कतई साधारण नहीं हो सकता। ऐसी ही एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली खबर सारंगढ़ से आई है, जिसमें जिला प्रशासन का ही एक अधिकारी पुलिस प्रशासन से न्याय पाने सिटी कोतवाली के सामने धरने पर बैठ गया। इस खबर से प्रशासनिक महकमे में हड़कम्प मच गया है।
जानकारी के अनुसार कोरबा में पदस्थ तहसीलदार बन्दे राम भगत का आरोप है कि 20 जनवरी को उनके पुत्र राहुल भगत के साथ कलेक्टर के गार्ड ने गालीगलौज और मारपीट किया है। मारपीट से उनके पुत्र के कान का पर्दा फट गया है। 48 घंटे बीतने के बाद भी उनके पुत्र के आवेदन पर सारंगढ़ सिटी कोतवाली पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की है। कार्यवाही के नाम पर इस थाने से उस थाने केवल घुमा रही है। तहसीलदार के धरने पर बैठे जाने के खबर के बाद से थाना ही नहीं पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
अब जब खुद अफसर ही अफसरशाही का शिकार हो जाय और न्याय के लिए उसे धरने पर बैठना पड़े तो फिर आम लोगों की क्या स्थिति होगी इसका अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है।
