
💥 शराब के लिए पैसे नहीं थे उसके पास, मार दिया कुत्ते को और खरगोश का मांस बता बेचा ऊँचे दाम पर।
💥 मांस खाने के कुछ ही देर बाद बिगड़ी तबियत, उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत।
तहतक न्यूज/मोतिहारी, बिहार। इंसानों के ऊपर नशा इस कदर हावी हो गया है कि शराब के लिए वह किसी भी हद तक जा सकता है, और आप इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते। जी हाँ, ऐसी ही एक घटना में मोतिहारी के एक युवक ने ऐसी हरकत की, जिससे जानकर आप भी दंग रह जाएंगे। युवक को शराब पीने की लत थी और उसके पास शराब के लिए पैसे नहीं थे। उसने पैसे के लिए एक योजना बनाई। युवक ने कुत्ते को मार कर उसके छोटे-छोटे कई टुकड़े किए और खरगोश का मांस है कह कर एक दर्जन से अधिक लोगों को बेच दिया, मगर मांस खाकर कई गांव वालों की तबीयत खराब हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना मधुबन विकासखंड स्थित गरहिया बाजार थाना क्षेत्र की है। यहां रहने वाला मंगरु सहनी नामक युवक आदतन शराबी है। आरोप है कि मंगरु सहनी ने गांव में एक कुत्ते को पकड़कर उसकी हत्या कर डाली। इसके बाद उसने कुत्ते के शव को टुकड़ों में काटा और मांस को खरगोश का मांस बताकर गांव में कई लोगों को बेच दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने करीब एक हजार रुपये प्रति किलो के हिसाब से मांस बेचा और इस तरह कई लोगों से पैसे वसूल कर शराब पी ली।
ग्रामीणों के अनुसार मांस खाने के कुछ ही घंटों बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। किसी को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई तो किसी के पेट में तेज दर्द शुरू हो गया। कुछ बच्चों की हालत भी खराब हो गई। शुरुआत में लोगों को समझ नहीं आया कि आखिर अचानक इतनी तबीयत क्यों बिगड़ रही है, फिर दूसरे दिन मंगरु ने खुद ही पूरे गांव में घूम-घूम कर कह दिया कि मैंने आप सभी को खरगोश नहीं, बल्कि कुत्ते का मांस बेचा था। यह जानकर लोग सन्न रह गए। बाद में गांव वालों को एक खेत में कुत्ते का कटा हुआ सिर और पैरों की हड्डियां मिलीं। कुत्ते के अवशेष मिलने के बाद लोगों का शक यकीन में बदल गया। इसके बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया और पीड़ितों ने गरहिया थाना में लिखित शिकायत कर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस पूरे मामले की तहकीकात में जुटी हुई है और आरोपी की तलाश की जा रही है।
फिलहाल, इस घिनौनी घटना से अच्छी तरह समझा जा सकता है कि आज के समय में कोई भी अपने स्वार्थ सिद्धि के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। बड़े-बुजुर्गों ने सही कहा है कि ‘लालच बुरी बला है’ अतः ऐसे धूर्त और मक्कार नशेड़ियों से लोगों को दूर रहने में ही भलाई है।

