
तहतक न्यूज/धरमजयगढ़-रायगढ़, छत्तीसगढ़।
अडानी के अंबुजा कोल माइंस की जनसुनवाई के विरोध की चर्चा फिर से गरमाने लगी है। अडानी के गुर्गों द्वारा मुड़ागांव जैसी कुटिल चाल पुरूंगा में भी चलाई जा रही है। बताया जा रहा है कि अडानी द्वारा प्रभावित ग्रामों के बजाय अन्य ग्रामों के लोगों को प्रलोभन देकर समर्थन में लाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों में जबरदस्त नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि आदिवासी अँचल धरमजयगढ़ में पेसा अधिनियम लागू है, हम अपनी जल-जंगल और जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे।

जिले के विकासखंड धरमजयगढ़ अंतर्गत ग्राम सांभरसिंगा, पुरूंगा, तेन्दुमुड़ी व कोकदार में प्रस्तावित अंबुजा कोल माइंस की जनसुनवाई 11 नवंबर को निर्धारित की गई है। इस जनसुनवाई को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी विरोध का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बीते दिनों लगभग 20 से 25 व्यक्ति तहसील कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई के समर्थन में ज्ञापन सौंपते देखे गए। इस घटना के बाद प्रभावित ग्रामों में आक्रोश फैल गया और आज बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंचकर उक्त समर्थन ज्ञापन का विरोध जताते हुए नया ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी और कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों ने बतलाया कि वीडियो में दिखाए गए लोग हमारे गांव के नहीं हैं और यह जनसमर्थन पूरी तरह से भ्रामक है।

ग्रामीणों ने इस षड्यंत्र के विरोध में धरमजयगढ़ थाना पहुंचकर सागरपुर निवासी विष्णु, तरुण एवं उसके अन्य साथियों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई है। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि उक्त व्यक्तियों ने कंपनी के समर्थन में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में प्रसारित किया, जिससे गांव में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए तथा जनसुनवाई को रद्द कर प्रभावित ग्रामों की वास्तविक राय को प्राथमिकता दी जाए।
