मेरीन ड्राइव के लिए तोड़-फोड़ के विरोध में हुआ जमकर हंगामा, प्रभावितों के पक्ष में विधायक ओपी की सार्थक पहल

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तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़।
कहते हैं जब तूफान आता है तो उसके आने के पहले समूचे वातावरण में शांति छा जाती है लेकिन, शांति आने के पहले क्या होता है इसके बारे में कहीं कोई जिक्र या कहावत सुनने को शायद ही किसी को मिली होगी वहीं, आज रायगढ़ शहर में उठती विरोध की आँधी किसी तूफानी चक्रवात से कम नहीं लग रहीं थीं। इस कृत्रिम तूफान से निपटने शासन-प्रशासन की मुस्तैदी देख लग रहा था कि कुछ बड़ी अनहोनी वाली है किन्तु, प्रशासनिक और राजनीति के चतुर पंडित ने दूर बैठे ऐसा कुछ चमत्कारी मन्त्र फूँक दिया कि विरोध का बवंडर क्षण भर में गायब हो गया और दसों दिशाओं में शांति छा गयी।

दरअसल, रायगढ़ शहर को स्मार्ट सिटी बनाये जाने की तैयारी शुरू हो गयी है इसी क्रम में कया घाट में निर्मित होने जा रहे मेरीन ड्राइव के लिए सैकड़ों घरों के तोड़े जाने को लेकर आज तनाव की स्थिति बन गयी थी। प्रभावित परिवारों में जहाँ आक्रोश का माहौल था तो वहीं विपक्ष की भूमिका आक्रामक नजर आ रही थी। पूरे शहर में विरोध और रोष का माहौल बन गया था तभी, रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने तोड़-फोड़ से प्रभावित गरीबों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए आवास हेतु दी जाने वाली राशि सीएसआर मद के तहत स्वीकृत किए जाने के निर्देश जारी किये।विदित हो कि नदी किनारे बसे लोगों को बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए भी समय रहते विस्थापन आवश्यक माना जा रहा है। आवास हेतु प्रभावितों को अपने मकान के लिए 75 हजार रूपये देना है। मंत्री ओपी चौधरी ने गरीबों की समस्याओं को देखते हुए यह राशि सी एस आर मद से दिए जाने के जानकारी दी है। तोड़-फोड़ से प्रभावित 100 परिवारों हेतु कुल 75 लाख की राशि सी एस आर मद से दी जाएगी। शहर में बढ़ते यातायात के दवाब को कम करने के लिए भी इस मेरिन ड्राइव निर्माण को आवश्यक माना जा रहा है भविष्य में दोनों ओर के मरीन ड्राइव राष्ट्रीय राजमार्ग के जोड़े जाएंगे। प्रथम चरण में एस.ई. सी. एल. ने केलो चक्र पथ से एस. ई. सी. एल. मुख्यालय तक डिवाइडर के साथ सड़क की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी साथ ही ग्रीन प्लांटेशन एवं लाइटिंग की जाएगी इस हेतु एस. ई. सी. एल. द्वारा 44 करोड़ का टेंडर जारी हो चुका है वहीं, 29 करोड़ की लागत से शनि मंदिर से कयाघाट तक मरीन ड्राइव का निर्माण शुरू किया जा रहा है जिसे अगले चरण में राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा जाएगा इससे शहर के अंदर यातायात का दबाव कम किया जा सकेगा वहीं, कयाघाट क्षेत्र में डूब में रहने वाले रपटा पुलिया की जगह 12 मीटर चौड़ा 8 करोड़ 22 लाख की लागत से नए पुल का भी निर्माण किया जायेगा।



उल्लेखनीय है कि प्रभावित परिवारों को जिला प्रशासन द्वारा माँ विहार कॉलोनी में बने प्रधानमंत्री आवास में शिफ्ट किया जा रहा है। यहाँ सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। लोगों के समान शिफ्टिंग के लिए नगर निगम की टीम लगी हुई है वहीं, विस्थापितों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की गयी है। फिलहाल प्रभावित लोगों के मन में राहत और सकून के भाव देखे जा सकते हैं।

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