तहतक न्यूज/तमनार-रायगढ़, छत्तीसगढ़। थाना तमनार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुंजेमुरा में 14 मार्च को हुई मारपीट की घटना में घायल युवक झसकेतन निषाद (उम्र 49 वर्ष ) की इलाज के दौरान 19 मार्च 2026 को रायपुर में मृत्यु हो गई। मामले में तमनार पुलिस ने आरोपी पंचराम निषाद के विरुद्ध हत्या का अपराध दर्ज कर उसे आज गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार श्यामनगर बजारपारा निवासी पंचराम निषाद अपने परिवार के साथ ग्राम कुंजेमुरा में स्व जाति समाज के विवाह कार्यक्रम में शामिल होने आया था। 14 मार्च की रात्रि में अपने परिजनों को घर चलने के लिए कहने पर परिवार द्वारा सुबह जाने की बात कही गई, जिस पर उसका अपने बड़े साले झसकेतन निषाद से विवाद हो गया। विवाद बढ़कर मारपीट में बदल गया, जिसमें आरोपी ने बांस के डंडे से झसकेतन निषाद पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
घायल को उपचार हेतु जिंदल अस्पताल उर्जानगर तमनार ले जाया गया, जहां से स्थिति गंभीर होने पर रायपुर रेफर किया गया। रायपुर के आरोग्य अस्पताल शंकर नगर में उपचार के दौरान 19 मार्च को उसकी मृत्यु हो गई।
जांच के दौरान गवाहों के कथनों एवं साक्ष्यों के आधार पर सुसंगत धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया। आरोपी की तलाश में पुलिस टीम द्वारा संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई और हुकराडीपा क्षेत्र से आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया तथा अपने मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त बांस का डंडा ग्राम कुजेंमुरा स्थित अपने घर के पास झाड़ी से बरामद कराया गया।
इस पूरे प्रकरण में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन में आरोपी की पतासाजी गिरफ्तारी तथा प्रकरण के खुलासे में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव आहेर, सहायक उप निरीक्षक सुरूतिलाल सिदार, प्रधान आरक्षक अनूप कुजूर, आरक्षक पुष्पेन्द्र सिदार, पुरुषोत्तम सिदार एवं रंजीत भगत की सराहनीय भूमिका रही। वहीं एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त लहजे में कहा है कि आपसी विवाद को हिंसा का रूप न दें। ऐसे गंभीर मामलों में रायगढ़ पुलिस सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
💥कहते हैं क्रोध आग से भी तेज होता है, गुस्से में आकर इंसान जब अपना आपा खो बैठता है तो नतीजे की परवाह नहीं करता और क्रोधाग्नि में जलते हुए हैवानियत की सारी हदें पार कर देता है। बात तहतक की करें तो वर्तमान समय में नशे का चलन इतना बढ़ गया है कि लगभग हर सामाजिक कार्यक्रम बिना शराब के संपन्न नहीं माना जाता। यही कारण है कि नशे में झूमता इंसान जोश में होश खो देता है और अपने आपको सूरमा साबित करने के फेर में कानून को अपने हाथ में ले लेता है और जब होश आता है तो जीवन भर पश्चाताप के आँसू बहाने के सिवा कुछ नहीं बचता। इतना ही नहीं, पूरा परिवार तबाही के कगार पर आ जाता है। परिवारों के बीच दुश्मनी की तलवार सदा के लिए खींच जाती है।💥
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