
तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशि मोहन सिंह द्वारा आज पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के सभी पुलिस राजपत्रित अधिकारियों, थाना/चौकी प्रभारियों और शाखा प्रमुखों की अपराध समीक्षा बैठक ली गई। बैठक के प्रारंभ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निर्देशित किया कि सभी राजपत्रित अधिकारी जिला स्तरीय क्राइम मीटिंग से पूर्व अपने-अपने अनुविभाग स्तर पर थाना प्रभारी एवं विवेचकों की बैठक लें, ताकि गंभीर अपराधों की समीक्षा और विवेचना की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने विवेचकों के मार्गदर्शन हेतु समय-समय पर कार्यशालाएं आयोजित करने और सामान्य अपराध जैसे मारपीट, जुआ-सट्टा एवं आबकारी से संबंधित मामलों का सात दिवस के भीतर निकाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे लंबित प्रकरणों की संख्या नियंत्रित रहे। उन्होंने यह भी कहा कि मेडिकल रिपोर्ट, शराब मुलाहिजा रिपोर्ट या पटवारी नक्शा जैसे कारणों से अपराध लंबित न रहें, इसके लिए संबंधित अधिकारी समन्वय स्थापित कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।

एसएसपी श्री सिंह ने जिले में लागू बीट प्रणाली को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर देते हुए निर्देशित किया कि प्रत्येक बीट प्रभारी अपने क्षेत्र की संपूर्ण जानकारी रखे और घटना, दुर्घटना या आपराधिक गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचे। बैठक में लंबित अपराध, गुम इंसान, मर्ग और शिकायतों की समीक्षा कर संबंधित थाना प्रभारियों को त्वरित निकाल के निर्देश दिए गए। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए यातायात डीएसपी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा हिट एंड रन मामलों की नियमित समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा गया।
बैठक में एसएसपी ने रेंज स्तरीय “सशक्त ऐप” का अधिकाधिक उपयोग कर चोरी के वाहनों को ट्रेस करने, जिले के सीसीटीवी कैमरों को “त्रिनयन ऐप” से जोड़ने और बीट स्तर पर अधिक से अधिक नागरिकों को “साइबर प्रहरी” से जोड़ने के निर्देश दिए। थाना आने वाले प्रत्येक नागरिक से “अनुभव” गूगल फॉर्म के माध्यम से फीडबैक लेने और नवीन कानूनों के तहत थानों में रजिस्टरों का विधिवत संधारण एवं नियमित इंद्राज सुनिश्चित करने कहा गया।
आगामी होली पर्व को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध अग्रिम कार्रवाई करने के निर्देश दिए और स्पष्ट कहा कि त्योहारों में शांति व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विजुवल पुलिसिंग के तहत प्रतिदिन तीन सवारी, ड्रंक एंड ड्राइव जैसे यातायात उल्लंघनों पर सख्ती से कार्रवाई करने निर्देशित किया गया। उन्होंने “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत गौवंश तस्करी पर विशेष निगरानी रखते हुए सतत कार्रवाई करने तथा “ऑपरेशन आघात” के तहत अवैध शराब और मादक पदार्थों के विरुद्ध जिले के प्रत्येक क्षेत्र में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि थाना क्षेत्र में अवैध शराब, जुआ-सट्टा और वैश्यावृत्ति जैसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में संचालित नहीं होने दिया जाए। उन्होंने कहा कि रायगढ़ पुलिस अपराध और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है और जिस थाना क्षेत्र में लापरवाही पाई जाएगी, वहां के थाना प्रभारी के विरुद्ध जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में एडिशनल एसपी अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी खरसिया प्रभात पटेल, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह, हेडक्वार्टर डीएसपी सुशांतो बनर्जी सहित जिले के सभी थाना/चौकी प्रभारी और शाखा प्रमुख उपस्थित रहे।
