
तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। शहर के ट्रांसपोर्टनगर क्षेत्र में खड़े ट्रक से बैटरी चोरी की घटना पर जूटमिल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की गई बैटरियां बरामद कर ली हैं। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से ट्रक से चोरी की गई 02 नग बैटरी कीमत करीब 15,000 रुपये जब्त की गई है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
मामले में प्रार्थी आनंद अग्रवाल ने 17 फरवरी 2026 को थाना जूटमिल में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह ट्रांसपोर्टिंग का कार्य करता है। उसका ट्रक क्रमांक CG-04-DF-8511 का चालक 15 फरवरी की शाम ट्रक को मिशनरी ऑफ चैरिटी, छातामुड़ा रोड के सामने खड़ा कर घर चला गया था। अगले दिन सुबह जब चालक ट्रक के पास पहुंचा तो देखा कि बैटरी बॉक्स टूटा हुआ है और उसमें लगे 02 नग बैटरी चोरी हो चुके हैं। प्रार्थी द्वारा अपने स्तर पर तलाश करने के बाद बैटरी नहीं मिलने पर थाना जूटमिल में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दिशा निर्देशन पर थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक प्रशांत राव द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए मुखबिर तंत्र सक्रिय कर पुलिस टीम को संदिग्धों की तलाश में लगाया गया। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ट्रांसपोर्टनगर क्षेत्र का रहने वाला ननकी निषाद उर्फ चिल्ली चोरी की बैटरी बेचने के लिए ट्रक चालकों से संपर्क कर रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने ट्रांसपोर्टनगर पुलिस सहायता केंद्र के पास घेराबंदी कर संदेही ननकी निषाद उर्फ चिल्ली निवासी सांगीतराई डीपापारा, थाना जूटमिल को पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी मिथलेश महतो निवासी तुरकुमुड़ा संतोषी मंदिर के पास, थाना जूटमिल के साथ मिलकर ट्रक से बैटरी चोरी करना स्वीकार किया तथा बैटरी को मिथलेश महतो के घर में छिपाकर रखना बताया। पुलिस टीम ने आरोपियों के मेमोरेंडम पर बताए स्थान से चोरी की गई 02 नग बैटरी कीमती 15,000 रुपये बरामद कर जब्त किया। आरोपी ननकी निषाद उर्फ चिल्ली पेशे से ड्राइवर है, जबकि सह आरोपी मिथलेश महतो के विरुद्ध थाना जूटमिल में हत्या, आगजनी, आबकारी और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं तथा उसके विरुद्ध पूर्व में कई बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा चुकी है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक प्रशांत राव, प्रधान आरक्षक दिलदार कुरैशी तथा आरक्षक जितेश्वर चौहान और सुरेन्द्र बंशी की सराहनीय भूमिका रही।
बहरहाल, न्यायप्रिय, तेज-तर्रार एवं कुशल अनुभवी मार्गदर्शक वरिष्ठ पुलिस कप्तान शशि मोहन सिंह के आते ही जिले में गुपचुप तरीके से चल रहे आपराधिक कृत्यों की पोल परत-दर-परत खुलने लगे हैं। ऐसा नहीं है कि अब अपराधों की बाढ़ सी आ गयी है, बल्कि पुलिस की वर्तमान में चल रही ताबड़तोड़ कार्यवाही ने पूर्व पुलिसिंग व्यवस्था को सवालों के दायरे में ला खड़ा कर दिया है। खैर, जो भी हो पुलिस की अभी की चल रही कार्य-प्रणाली से आम जनता के चेहरे पर राहत के भाव देखे जा सकते हैं। वहीं, जनता और पुलिस के बीच बढ़ती खाई सिमटने लगी है। जिले की पूरी पुलिस टीम का प्रदर्शन इसी तरह लगातार चलती रहे तो जिले में निश्चित ही अमन और चैन की तस्वीरें जरूर देखने को मिलेंगीं।
