
💥 केवड़ाबाडी एसबीआई मेन ब्रांच के सामने स्थित मकान में बाहरी महिलाओं से कराया जा रहा था देह व्यापार।
💥 महिला सहयोगी सहित आरोपी राहूल यादव गिरफ्तार, आपत्तिजनक सामग्री जब्त।
💥 एसएसपी की दो टूक – जिले में किसी भी प्रकार का अनैतिक कार्य पनपने नहीं दिया जाएगा।
तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जब से कार्य भार संभाला है तब से जिले में चोरी-छिपे चल रहे अवैध कार्यों पर लगातार कार्यवाही हो रही है, जिससे आम नागरिकों के चेहरे पर संतोष भरा मुस्कान सहज ही देखा जा सकता है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने पद भार ग्रहण करते ही स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जिले में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था पहली प्राथमिकता होगी और इसका असर धरातल पर दिखने लगा है। उनके दिशा-निर्देशन पर रायगढ़ जिले में जुआ-सट्टा, अवैध शराब एवं अनैतिक गतिविधियों पर लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है।
इसी तारतम्य में देह व्यापार को लेकर चक्रधरनगर क्षेत्र में कार्यवाही के 24 घंटे के भीतर कोतवाली क्षेत्र में सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस द्वारा शिवा नगर क्षेत्र में देह व्यापार की सूचना पर बड़ी कार्यवाही की गई।
मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर सीएसपी मयंक मिश्रा ने तत्काल रेड की योजना बनाई और एसबीआई मेन ब्रांच के सामने रोड किनारे स्थित अनिल कुमार नंदे के मकान में पीटा एक्ट की कार्यवाही के अनुरूप एक पॉइंटर को ग्राहक बना कर भेजा गया। संकेत मिलते ही पुलिस टीम ने मकान की घेराबंदी कर अचानक दबिश दी। मौके पर मकान के भीतर आरोपी राहूल कुमार यादव, उसकी महिला सहयोगी तथा अनैतिक कार्य हेतु लाई गई दो महिलाएं मिलीं। तलाशी के दौरान देह व्यापार में प्रयुक्त आपत्तिजनक सामग्री, दो मोबाइल फोन (रेडमी एवं विवो) तथा नकद 2000 रुपये बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह महिलाओं को बुलाकर देह व्यापार कर अवैध कमाई कर रहा था।
फिलहाल, थाना कोतवाली में आरोपी राहूल कुमार यादव एवं उसकी महिला सहयोगी के विरुद्ध अनैतिक देह व्यापार (पीटा) अधिनियम के तहत सुसंगत अपराध पंजीबद्ध कर दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। इस संपूर्ण कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, एडिशनल एसपी (साइबर) अनिल विश्वकर्मा के मार्गदर्शन एवं सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल, उपनिरीक्षक ए.के. देवांगन, सहायक उपनिरीक्षक कोसो सिंह, महिला प्रधान आरक्षक राजश्री वैष्णव, आरक्षक परसीना टोप्पो, प्रतिक्षा मिंज, मनोज पटनायक एवं भगवती रत्नाकर की भूमिका प्रशंसनीय रही।
बहरहाल, पुलिस की ताबड़तोड़ कार्यवाही से जहाँ शहर ही नहीं पूरे जिले के असामाजिक तत्वों और अवैध कारोबारियों में खलबली मच गयी है, तो वहीं आम जनता राहत की साँस ले रही है। जिले की जनता को उम्मीद बँधी है कि आगे इसी तरह की अन्य कार्यवाहियाँ भी निरंतर जारी हों तो जिले में वास्तविक सुख तथा चैन की जिंदगी देखने को जरूर मिलेगी। जनता भी चाहती है कि उसके और पुलिस के बीच सम्मानजनक मित्रवत व्यवहार हो। आपको बता दें कि न्यायप्रिय एवं संवेदनशील वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा है कि रायगढ़ जिले में जुआ-सट्टा, अवैध शराब, देह व्यापार, कबाड़ जैसे किसी भी अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। ऐसे कार्यों में लिप्त लोगों के लिए रायगढ़ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। जो भी व्यक्ति सामाजिक बुराइयों के जरिए अवैध कमाई करेगा, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ऐसे अवैध कारोबार से जुड़े लोग स्वयं मुख्यधारा में लौट आएं। आम नागरिकों के लिए उन्होंने एक और महत्वपूर्ण बात कही है कि वे निर्भय होकर सूचना दें पुलिस हर शिकायत पर त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करेगी। अतः “तहतक न्यूज” अपने सभी सम्माननीय पाठकों से अपील करती है कि जहाँ कहीं भी असामाजिक या आपराधिक गतिविधियाँ देखें, इसकी सूचना बिना किसी भय के निःसंकोच पुलिस को दें।
