
तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। ड्यूटी के दौरान आकस्मिक निधन होने पर जिले में पदस्थ स्वर्गीय प्रधान आरक्षक दिलीप ठाकुर की पत्नी श्रीमती सरस्वती सिंह ठाकुर एवं जीआरपी थाने में पदस्थ स्वर्गीय राम सिंह लकड़ा की पत्नी श्रीमती किरण लकड़ा को पुलिस सैलरी पैकेज के अंतर्गत 10-10 लाख रुपये की बीमा राशि का चेक प्रदान किया गया। यह सहायता राशि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह एवं एसबीआई शाखा पुसौर के प्रबंधक द्वारा सौंपते हुए शोकसंतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी ने दोनों परिवारों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि प्राप्त धनराशि का सदुपयोग करें और किसी भी प्रकार के प्रलोभन से बचें। उन्होंने विशेष रूप से आगाह किया कि बड़ी राशि मिलने पर कई बार लोग रुपए दोगुना करने का लालच देकर फर्जी निवेश योजनाओं में फंसा देते हैं, जिससे परिवार आर्थिक धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं। बैंक प्रबंधन ने भी बताया कि ऐसे समय में फेक कॉल और झूठे निवेश प्रस्ताव आम हो जाते हैं, अतः सतर्कता बेहद जरूरी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने शोकाकुल परिजनों से संवाद करते हुए कहा कि पुलिस विभाग केवल सेवा संस्था नहीं, बल्कि एक परिवार है और इस कठिन घड़ी में पुलिस परिवार हर स्तर पर उनके साथ खड़ा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होने पर विभाग द्वारा पूरा सहयोग दिया जाएगा।
श्री सिंह ने बताया कि जिले के सभी पुलिसकर्मियों का पुलिस सैलरी पैकेज कराया गया है, जिसके अंतर्गत आकस्मिक दुर्घटना या निधन की स्थिति में एक करोड़ रुपये तक की बीमा राशि का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि पुलिस की ड्यूटी अत्यंत जोखिमपूर्ण होती है, ऐसे में यह बीमा सुरक्षा परिवार के लिए एक मजबूत सहारा बनती है, ताकि विपरीत परिस्थितियों में भी वे आत्मबल के साथ आगे बढ़ सकें और अपने जीवन को नई दिशा दे सकें। डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के सतत प्रयासों तथा एसबीआई प्रबंधन द्वारा समय पर दायित्वों के निर्वहन के लिए बैंक प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
दुनिया से असमय विदा हो जाने वाले अपनों की कमी पैसों से तो पूरी नहीं की जा सकती, किन्तु विषम परिस्थितियों से उबरने में यही पैसा काम आता है। पुलिस परिवारों के लिए पुलिस सैलरी पैकेज निश्चित ही एक बड़ा सहारा है। किसी भी प्रकार के प्रलोभन से बचते हुए परिजनों को राशि का समुचित और सुरक्षित उपयोग किया जाना चाहिए।
