
तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। चंद रुपयों के लालच में आकर कालाबाजारी करने वाले कारोबारियों द्वारा मिलावट करने या नकली माल बेचने की खबरें तो आपने अक्सर पढ़ी-सुनी होगी, लेकिन समय के साथ अब खाद्य उत्पादों के मूल लेबल और रैपर बदल कर मुनाफाखोरी की जा रही है। बता दें कि जिला दुर्ग से एक पिकअप वाहन से रायगढ़ शहर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भारी मात्रा में दुग्ध उत्पादों में खाद्य लेबल और रैपर से छेड़छाड़ कर खपाया जा रहा था। जब मीडिया से यह खबर उजागर हुई तो प्रशासन हरकत में आया और मिलावटी एवं मानक-विरुद्ध दुग्ध उत्पादों के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन क्रमांक CG-04-QC-8689 में दही एवं कॉटेज एनालॉग जैसे दुग्ध उत्पाद 5 एवं 15 किलोग्राम के बंद प्लास्टिक जारों एवं पैकेटों में लाए गए थे, जिसमें वाहन चालक एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा जारों पर लगे मूल खाद्य लेबल हटाकर अन्य ब्रांड के रैपर चिपकाया जा रहा था।कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम तत्काल पहुंची और वाहन में भरे दुग्ध उत्पादों की जांच की। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि उक्त खाद्य पदार्थ सोनिया जायसवाल, प्रोपराइटर, मेसर्स कस्तूरी डेयरी, छोटे अतरमुड़ा, गांधी नगर, केलोविहार रायगढ़ द्वारा जिले एवं आसपास के क्षेत्रों में विक्रय हेतु वैद्य फूड्स प्रोडक्ट्स, शंकर नगर, भिलाई-3, कुम्हारी, जिला दुर्ग से मंगाए गए थे। मौके पर की गई जांच में यह भी गंभीर अनियमितता पाई गई कि नंदनम क्लासिक दही, जिसे कृष्णा नंदन मिल्क एंड डेयरी प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ग्राम झाली, जिला बिलासपुर द्वारा प्रोसेस एवं मार्केट किया जाता है, जिसके 5 एवं 15 किलोग्राम के बंद जारों से मूल लेबल हटाकर उन पर वैद्य फूड्स दही का रैपर चिपकाया जा रहा था। यह कृत्य खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (लेबलिंग एवं प्रदर्शन) विनियम, 2020 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।
प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा 23 जनवरी को कलेक्टर के निर्देशानुसार फर्म मेसर्स कस्तूरी डेयरी परिसर में पहुंचकर गुणवत्ता एवं मिलावट की आशंका के आधार पर विधिवत तीन खाद्य नमूने संकलित किए गए। इनमें नंदनम क्लासिक दही, वैद्य फूड्स कॉटेज एनालॉग 4 किलोग्राम पैकेट तथा वैद्य फूड्स कॉटेज एनालॉग 1 किलोग्राम पैकेट शामिल हैं, जिन्हें जांच एवं परीक्षण हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है। इसके साथ ही मौके पर विक्रय हेतु रखे गए दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता पर संदेह तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (लेबलिंग एवं प्रदर्शन) विनियम, 2020 के प्रावधानों का पालन नहीं पाए जाने के आधार पर दही एवं कॉटेज एनालॉग की भारी मात्रा को विधिवत जब्त कर खाद्य कारोबारकर्ता की अभिरक्षा में निरुद्ध किया गया। जब्त सामग्री का अनुमानित बाजार मूल्य 2 लाख 3 हजार 750 रुपये आंका गया है। जब्ती में 5 किलोग्राम के 40 जार नंदनम क्लासिक दही कुल 200 किलोग्राम, 15 किलोग्राम के 21 जार वैद्य फूड्स दही कुल 315 किलोग्राम, वैद्य फूड्स कॉटेज एनालॉग के 4 किलोग्राम के 80 पैकेट कुल 320 किलोग्राम तथा 1 किलोग्राम के 450 पैकेट कुल 450 किलोग्राम शामिल हैं। इस प्रकार कुल 515 किलोग्राम दही एवं 770 किलोग्राम कॉटेज एनालॉग जब्त किया गया है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने बताया कि राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट के उपरांत खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 एवं संबंधित विनियमों के अंतर्गत दोषियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्यवाही की जाएगी।
फिलहाल, इस कार्यवाही से खाद्य उत्पादों और उनके पैकिंग में छेड़छाड़ करने वाले मुनाफाखोरों में हड़कम्प मच गया है वहीं, उपभोक्ताओं में मिलावट और नकली उत्पादों की पहचान को लेकर गहरी चिंता व्याप्त है। खाद्य सामग्रियों के गुणवत्ता, मूल्य, तिथि, वजन आदि की सतत जाँच और कड़ी कार्यवाही हो तो ऐसे काले कारोबारियों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
