
तहतक न्यूज/रायगढ़,छत्तीसगढ़। अन्न दाताओं को धान बेचने में कोई परेशानी न हो इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दे रखा है, वहीं जिले के कई धान उपार्जन केन्द्रों में टोकन नहीं काटे जाने से किसान बेहद परेशान हैं। जिसे लेकर प्रभावित किसान 19 जनवरी को बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुँचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंप कर धान बेचने के लिए टोकन जारी करवाने की माँग की है। इस दौरान पूर्व मंत्री व खरसिया विधायक उमेश पटेल सहित लैलूंगा विधायक श्रीमती विद्यावती सिदार और कई कांग्रेस नेता भी उपस्थित रहे।
प्रभावितों ने बताया कि कई किसानों का धान उनके खलिहानों में पड़ा हुआ है, जिससे धान खराब होने का डर है। कलेक्टर के नाम सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख कि धान खरीदी केन्द्रों में किसानों को धान बेचने के लिए तहसीलदार व सोसायटी के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे वे काफी परेशान हो रहे हैं। धान नहीं बेच पाने की वजह से धान सही सलामत रखने में भी जगहों की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने बताया धान बेचने के लिये सत्यापन फॉर्म को जमा करने के बाद भी किसानों को धान बेचने के लिए टोकन जारी नहीं किया जा रहा है। ऐसे में कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपकर कांग्रेस नेताओं व किसानों ने धान खरीदी केन्द्रों में धान बेचने के लिए टोकन जारी करवाने की मांग की है।
पूर्व मंत्री व खरसिया विधायक उमेश पटेल ने कहा कि किसानों के धान की खरीदी में अब मुश्किल से 9 दिन ही बचे हैं। केंद्रों में प्रबंधकों का कहना है कि टोकन नहीं काटना है खरीदी नहीं करना है। इससे खोखरा, ननसिया, नंदेली समेत अन्य गांव के किसान टोकन नहीं कटने से धान नहीं बेच पा रहे हैं। उन्होंने कहा नोडल अधिकारी से इस समस्या को लेकर चर्चा हुई है। समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया गया है। अगर समस्या दूर नहीं हुई, तो ट्रैक्टर के साथ किसान कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे।
आगे उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में यही स्थिति है। इसमें रायगढ़ की स्थिति ज्यादा खतरनाक है। रायगढ़ जिले को सबसे कम धान खरीदी के लिए मॉडल बनाना चाह रहे हैं।
