
तहतक न्यूज/धरमजयगढ़-रायगढ़, छत्तीसगढ़।
जिले में कोल ब्लॉक का विरोध थमने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। अभी तमनार के धौराभांठा में 8 दिसंबर को जिंदल कोल ब्लॉक का जनसुनवाई ग्रामीणों के भारी विरोध के बावजूद प्रशासन द्वारा संपन्न करवाया गया था, जिसके विरोध में आज भी ग्रामीण दिन-रात धरने पर बैठे हैं तो वहीं, धरमजयगढ़ ब्लॉक के पुरूंगा गांव में भी अडानी समुह का जन सुनवाई होना है, जिसे लेकर ग्रामीण लामबंद हो रहे हैं। ग्रामीणों की मानें तो तमनार में चल रहे विरोध से भी कहीं अधिक बढ़ कर पुरूंगा कोल माइंस का विरोध होगा।
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार संभवतः 15 से 22 जनवरी 2026 के बीच जन सुनवाई हो सकता है, कंपनी जन सुनवाई को सफल बनाने के लिए अभी से कई प्रकार के हथकंड़े अपनाना शुरू कर दिया है, ग्रामीण बेरोजगारों को नौकरी देने का झांसा देना शुरू कर दिया है तो वहीं, कंपनी का विरोध करने वालों को अंग्रेजों की “फूट डालो राज करो” की नीति के तहत ग्रामीणों में फूट डालने का काम कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस बार कोल ब्लॉक का और अधिक विरोध किया जायेगा। किसी भी हाल मेंं पुरूंगा में कोयला खदान खुलने नहीं दिया जायेगा। चाहे इसके लिए ग्रामीणों को कुछ भी करना पड़े।
ग्रामीणों का कहना है कि हमें अडानी का विकास नहीं चाहिए, हम जैसे हैं वैसे ही ठीक हैं, हमें अडानी का कैंसर नहीं चाहिए, जब क्षेत्र में कोयला खदान खुलेगा तो हम लोगों का क्या विकास होगा, होगा तो कैंसर जैसी बीमारियों का विकास होगा। ऐसा विकास किस काम का? इसलिए अडानी पुरूंगा में कोयला खदान खोलना भूल जाये हम किसी भी कीमत में खदान खुलने नहीं देंगे ये बात कान खोलकर सुन ले कंपनी और शासन-प्रशासन?
