तहतक न्यूज। फ्लाईदुबई के भारतीय मूल के मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मछार ने 30 हजार फीट की ऊँचाई पर एक भयंकर विमान दुर्घटना और हाईजैक की साजिश को नाकाम कर 174 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की जान बचाई है। उनके इस अदम्य साहस और जांबाजी की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है।
जानकारी के अनुसार, दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमान के रहने वाले एक सह-पायलट ने अचानक कैप्टन स्मित मछार पर चाकू से हमला कर दिया और विमान को क्रैश करने की कोशिश की। इस अप्रत्याशित हमले के कारण विमान तेजी से 30 हजार फीट की ऊँचाई से नीचे गिरकर 17 हजार फीट पर आ गया। कॉकपिट में दोनों के बीच हिंसक संघर्ष हुआ, जिससे कैप्टन स्मित के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। दरवाजा खुलते ही फ्लाइट में मौजूद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने कॉकपिट में घुसकर हमलावर को-पायलट को काबू में किया। विमान में ही मौजूद एक डेंटिस्ट यात्री ने घायल कैप्टन का प्राथमिक उपचार भी किया।
इसके बाद फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा टल गया।
पीएम मोदी ने की सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मछार से फोन पर बात कर उनके साहस की सराहना की। बातचीत के दौरान कैप्टन भावुक हो गए और उन्होंने कहा, "मैं उन लोगों को मरने नहीं दे सकता था, हम सबको हनुमान जी ने बचाया है।"
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही तारीफ
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें एक 'सच्चा हीरो' कहा और उनके अदम्य साहस को सलाम किया।
गुजरात सरकार का बड़ा ऐलान
गुजराती मूल के कैप्टन स्मित की इस बहादुरी के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उन्हें राज्य के सर्वोच्च 'विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार' और 25 लाख रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है। वहीं, मशहूर गीतकार जावेद अख्तर सहित कई बॉलीवुड हस्तियों (आर. माधवन, परेश रावल आदि) ने उनकी वीरता की सराहना की है। जावेद अख्तर ने तो कैप्टन को 'महावीर चक्र' देने की भी मांग उठाई है।
कैप्टन स्मित मछार का इलाज फिलहाल अबू धाबी के एक अस्पताल में चल रहा है और देश-विदेश से लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।



