लकड़ी से लदे ट्रक पलटने से नीचे दबा श्रमिक, पुलिस ने ग्रामीणों की मदद व हाइड्रा क्रेन से किया सफल रेस्क्यू

तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। तमनार क्षेत्र में आज गुरुवार दोपहर लकड़ी से लदा वन विभाग का ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। हादसे में ट्रक में सवार एक श्रमिक उसके नीचे दब गया। सूचना मिलते ही तमनार पुलिस मौके पर पहुँची और ग्रामीणों की मदद से करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद जेसीबी और हाइड्रा क्रेन की सहायता से श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
        

जानकारी के अनुसार नागरामुड़ा, तमनार से वन विभाग की ट्रक में लकड़ियां लोड कर रायगढ़ डिपो ले जाया जा रहा था। इसी दौरान कसडोल और घटोरिया मंदिर के बीच अमरैय्या के पास सामने से आ रहे वाहन को साइड देने के दौरान चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया। देखते ही देखते ट्रक सड़क किनारे पलट गया।
         हादसे के समय ट्रक के केबिन में चालक और कुछ श्रमिक सवार थे। ट्रक पलटने के बाद उन्होंने केबिन तोड़कर किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। इसी दौरान श्रमिक रजी उरांव, पिता धनसाय उरांव, निवासी उर्दना, रायगढ़ ट्रक के नीचे फंस गया। उसका कमर से नीचे का हिस्सा ट्रक के नीचे दबा हुआ था।
          घटना की सूचना मिलते ही तमनार थाना प्रभारी प्रशांत राव पुलिस टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पहुँचे। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद थे। पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से पहले ट्रक के नीचे फंसे श्रमिक के आसपास की मिट्टी हटाकर उसे निकालने का प्रयास किया, लेकिन ट्रक का वजन अधिक होने के कारण सफलता नहीं मिली। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जेसीबी बुलवाई। इसके बाद भी श्रमिक को सुरक्षित निकालना संभव नहीं होने पर स्थानीय कंपनी से हाइड्रा क्रेन मंगवाई गई। पुलिस टीम ने ग्रामीणों के साथ समन्वय बनाकर सावधानीपूर्वक ट्रक को उठवाया और कड़ी मशक्कत के बाद रजी उरांव को ट्रक के नीचे से बाहर निकाला।
        पुलिस ने रेस्क्यू के साथ-साथ घायल श्रमिक को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी भी कर ली थी। घटनास्थल पर पहले ही एंबुलेंस बुला ली गई थी। श्रमिक के बाहर निकलते ही उसे एंबुलेंस से तत्काल अस्पताल रवाना किया गया।
        त्वरित कार्रवाई कर ट्रक के नीचे फंसे श्रमिक को समय रहते बाहर निकालकर उसकी जान बचाने में तमनार पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने जो सहयोग दिया, निश्चित ही सराहनीय है और वे इसके लिए साधुवाद के पात्र हैं।

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