रायगढ़ से गुम हुई बालिका साढ़े तीन साल बाद पुलिस ने राजस्थान से किया बरामद

तहतक न्यूज/रायगढ़, छत्तीसगढ़। महिला संबंधी अपराधों एवं लापता बालक-बालिकाओं की खोजबीन के लिए गठित विशेष टीम को बड़ी सफलता मिली है। थाना कोतरारोड़ क्षेत्र से वर्ष 2022 में लापता हुई नाबालिग बालिका को राजस्थान के जिला डिडवाना से दस्तयाब किया गया है। मामले में नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने, विवाह करने और शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
           प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 08 नवंबर 2022 को थाना कोतरारोड़ में नाबालिग बालिका की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। परिजनों ने बताया था कि 03 नवंबर 2022 को घर के सदस्य काम पर गए हुए थे और वापस लौटने पर बालिका घर पर नहीं मिली। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर थाना कोतरारोड़ में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 325/2022 धारा 363 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई थी।
सोशल मीडिया जांच से मिला अहम सुराग
           विवेचना के दौरान कोतरारोड़ पुलिस ने बालिका के सोशल मीडिया अकाउंट एवं संपर्कों की गहन जांच की। जांच में राजस्थान निवासी श्योजी राम के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। पुलिस टीम पूर्व में भी आरोपी एवं बालिका की तलाश में राजस्थान गई थी, किंतु दोनों अपने संभावित ठिकानों से मोबाइल फोन बंद कर फरार मिले थे।
विशेष टीम ने राजस्थान में की सफल कार्रवाई
        लगातार तकनीकी विश्लेषण एवं पतासाजी के आधार पर पुलिस टीम ने राजस्थान के जिला डिडवाना-कुचामन में आरोपी श्योजी राम पिता चन्द्राराम, उम्र 29 वर्ष, निवासी ग्राम शिवदानपुरा, थाना चितावा के कब्जे से पीड़िता को दिनांक 05 जून 2026 को बरामद किया। इसके बाद दिनांक 07 जून 2026 को बालिका को सकुशल रायगढ़ लाया गया।
इंस्टाग्राम से हुई थी पहचान, शादी का झांसा देकर ले गया राजस्थान
         पीड़िता ने पुलिस को बताया कि लगभग पांच वर्ष पूर्व उसकी पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से राजस्थान निवासी श्योजी राम से हुई थी। सोशल मीडिया पर बातचीत के बाद दोनों के बीच लगातार संपर्क बढ़ा और आरोपी ने उससे विवाह करने का वादा किया। आरोपी ने उसे रायगढ़ से जयपुर आने के लिए रेलवे टिकट भेजी थी और आगे किशनगढ़ पहुंचने का निर्देश दिया था। आरोपी के कहने पर वह 03 नवंबर 2022 को रायगढ़ से जयपुर और वहां से किशनगढ़ पहुंची, जहां आरोपी उसे लेने आया और किराए के मकान में रखकर साथ रहने लगा।
     पीड़िता के अनुसार आरोपी को उसकी वास्तविक उम्र की जानकारी होने के बावजूद उसने उससे विवाह किया और उसके साथ पति-पत्नी की तरह रहते हुए शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता के कथनों एवं जांच में प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध अपहरण, लैंगिक अपराध एवं अन्य सुसंगत धाराएं धारा 366, 376 (2) (ढ) भा.द.वि., 6 पॉक्सो एक्ट जोड़ी गईं।
                    मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी श्योजी राम को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। प्रकरण की विवेचना जारी है।

                     एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन, एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन एवं डीएसपी सुशांतो बनर्जी के सुपरविजन में कार्रवाई थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील कुमार आदित्य, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा (थाना पूंजीपथरा) थाना कोतरारोड़ के प्रधान आरक्षक बाबूलाल पटेल, आरक्षक बलराम साहू और महिला आरक्षक कामिनी राठिया शामिल रहे।
         "लापता बच्चों और महिलाओं की सुरक्षित बरामदगी रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।" -- एसएसपी शशि मोहन सिंह, रायगढ़।

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